कई माहों से नहीं मिला सफाई कर्मियों सहित कर्मचारियों को वेतन
काम काज हो रहा प्रभावित सफाई व्यवस्थाएं ठप्प
चंदेरी – नगर पालिका चंदेरी जो वर्तमान में आर्थिक वित्तीय संकट के दौर से गुजर रही है सफाई कर्मियों सहित नगर पालिका कर्मचारियों को पिछले कई माहों से वेतन न मिल पाने के कारण सफाई कर्मियों सहित नपा कर्मचारियों द्वारा ऑफिस में ताले लगाकर विरोध प्रदर्शन किया साथ हीअपना कामकाज पूरी तरह बंद कर दिया गया है जिससे नगर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है नगर पालिका कर्मचारियों को भी पिछले कई माहों से वेतन न मिल पाने से उनके पारिवारिक घर घरेलू समस्याएं धीरे-धीरे व्यापक रूप लेती जा रही हैं जिसमें आगामी त्योहारों पर घरेलू व्यवस्थाएं बच्चों की फीस ,बैंक लोन की किस्तों सहित अन्य समस्याएं वेतन न मिल पाने के कारण उत्पन्न हो रही है। साथ ही सफाई कर्मियों द्वारा नगर पालिका कार्यालय के बाहर बैठकर शांतिपूर्ण तरीके से अपने वेतन की मांग की जा रही है।
तत्कालीन अधिकारियों की कार गुजारी का खामियाजा भुगत रहे कर्मचारी
प्राप्त जानकरी अनुसार वर्तमान की तरह पूर्व में इस प्रकार की आर्थिक समस्या का सामना नगर पालिका चंदेरी को कभी नहीं करना पड़ा था क्योंकि नगर पालिका चंदेरी में जमा संचित निधि और स्थाई जमा पूंजी से मिलने वाले ब्याज तथा चुंगी क्षतिपूर्ति कर वसूली से नगर पालिका के समस्त खर्चों का निदान संभव हो पता था किंतु तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारियों द्वारा जमा संचित निधि सहित स्थाई जमा पूंजी सहित विभिन्न योजनाओं में प्राप्त राशि को अनियमित, अवैध तरीके से खुर्दबुर्द किया गया है वे योजनाएं आज भी अधूरी पड़ी कागजों में दम तोड़ रही हैं जिनके नाम पर करोड़ों का भ्रष्टाचार तत्कालीन जिम्मेदारों किया है करोड़ों रुपए का अनावश्यक ऋण भी लिया जिसके ब्याज के बोझ तले नपा चंदेरी भी दबी हुई है जिसका खामियाजा निकाय सहित कर्मचारियों को उठाना पड़ रहा है । ऐसा नहीं है कि ग्वालियर और भोपाल में बैठे नगरीय प्रशासन के जिम्मेदारों को नगर पालिका चंदेरी में पिछले वर्षों में हुए भ्रष्टाचार की जानकारी न हो किंतु तत्कालीन परिषद और तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई वैधानिक कार्यवाही ना करना अपने आप में नगरी प्रशासन के जिम्मेदारों की इन्वेस्ट अधिकारियों जनप्रतिनिधियों की साथ घाट की ओर इशारा करती हैं आज भी कई ऐसे मामले जो निकाय चंदेरी में हुए भ्रष्टाचार के हैं और राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो कार्यालय सहित लोकायुक्त कार्यालय भोपाल में विचाराधीन है किंतु समय रहते ना तो आज तक कोई निष्कर्ष हो पाया है ना ही किसी व्यक्ति के विरुद्ध सख्त वैधानिक करवाई की गई है। जिस कारण जिम्मेदार अधिकारियों जनप्रतिनिधियों का मनोबल लगातार बढ़ता गया और भ्रष्टाचार रूपी विकास के नाम पर करोड़ों रुपए का आहरण किया गया जो आज भी जांच योग्य है।
इनका कहना है।
निकाय में आय की कमी के कारण कुछ महीनो से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पा रहा है वर्तमान में आय से अधिक व्यय है प्रत्येक माह लगभग 55 लाख रुपए का वेतन बांटा जाता है वर्तमान में लगभग 40 लाख रुपए की वसूली की गई है साथ ही प्रयास किया जा रहा है कि कुछ मदद संचालनालय से मिल जाए वहां से आश्वाशन भी मिला है निकाय में जमा संचित निधि को पूर्व में निकाल लिया गया है वर्तमान में जो वसूली होती है उसका 5%जमा किया जाता है जिसमें भी कुछ राशि जमा है।शीघ्र समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
प्रदीप शर्मा
मुख्य नगरपालिका अधिकारी चंदेरी
पत्रकार सैयद आबिद हाशमी चंदेरी
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