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इंदौर मध्य प्रदेश
सेराजेम द्वारा आयोजित स्वास्थ्य शिविर में उक्त वक्तव्य में डॉ भरत शर्मा सदस्य – संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार ने कहा। आपने कहा की ईश्वर, माता पिता के अलावा एक चिकित्सक के प्रयास हमे जीवन दान और स्वस्थ जीवन का उपहार देते है । पुरातन काल से चली आ रही हमारी ससंकृति में वैकल्पिक चिकित्सा का अपना महत्व है। आजकल रैकी, एक्यूप्रेशर, एक्युपंक्चर, मैग्नेटिक हीलिंग और मंत्रोच्चार से होने वाली ध्वनि तरंगों से भो हीलिंग की जा रही है और इन सभी पद्धतियों का जनक हमारा चिकित्सा शास्त्र ही है । आपने इस संस्थान के संस्थापकों को मानवीय सेवा के इस प्रकल्प को सार्थक बना समाज में प्रति अपने दायित्व की पूर्ति पर बधाई दी और कहा की ऐसे प्रकल्प अन्य लोगो के लिए अनुकरणीय प्रयास बनेगे।
डॉ भरत शर्मा का स्वागत संस्था के निदेशक महेंद्र अरनेजा व डॉ प्रियंका अरनेजा ने पुष्पमाला और स्मृतिचिह्न देकर किया। कार्यक्रम में डॉ प्रकाश, राऊ दवा विक्रेता संघ के गौरव शर्मा, क्रिएटिव डिज़ाइनर सुनील पटेल और बड़ी संख्या में लाभार्थी भी विशेष रूप से मौजूद रहे और अपने संस्मरण साझा किए।
ज्ञातव्य हो कि, सेराजेम द्वारा आयोजित स्वास्थ्य शिविर में निःशुल्क हीटवेव पद्धति से शहरवासियों को स्वास्थ्य लाभ दिया जा रहा है । आपके यहाँ लगभग २०० नागरिक प्रतिदिन यहाँ स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए कतारबद्ध अपनी बारी का इंतज़ार करते पाए गए। शहर के कई चिकित्सक स्वयं भी अपने परिवार के साथ इस तकनीक से कई व्याधियों से बचने और उसके उपचार की क्षमताओं से सहमत नज़र आए। मानव शरीर में रीड की हड्डी को शारीरिक तंत्र की जड़ माना गया है और इस हीटवेव जो की विशेष प्रकार की तकनीक से विशेष उपल को सम्मिलित कर बनाई गई है जिसे समुचित मात्रा में गर्म तरंगों के विकिकरण से उपचार किया जाता है। रिपोर्ट अनिल भंडारी
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