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इंदौर मध्य प्रदेश
एडिशनल डीसीपी श्री राजेश दंडोतिया ने ईवा वर्ल्ड स्कूल के एनुअल फंक्शन में पहुँच, लगाई साइबर अवेयरनेस की 400 वीं कार्यशाला ।
स्टूडेंट्स व पेरेंट्स को बताया ये मूल मंत्र कि “बेशक नई-नई तकनीकों एवं सुविधाओं को तो हमे अपनाना है…. परंतु डिजिटल वर्ल्ड में सतर्कता और सावधानी को कभी भी भूल नही जाना है।”
इंदौर- वर्तमान में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिये, इसके प्रति लोगों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से, पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर संतोष कुमार सिंह के दिशा निर्देशन में इंदौर पुलिस द्वारा लगातार विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
इसी अनुक्रम में दिनांक 18.01.25 को अति. पुलिस उपायुक्त क्राइम इंदौर राजेश दंडोतिया ने पुलिस टीम के साथ ईवा वर्ल्ड स्कूल इंदौर के वार्षिकोत्सव समारोह में पहुंचकर, सायबर अवेयरनेस के तहत अपनी 400 वीं कार्यशाला लगाकर वहां उपस्थित करीब 700 स्टूडेंट्स व पैरेंट्स को वर्तमान समय के साइबर अपराधों के विषय में बताते हुए, पुलिस के पास आने वाली साइबर अपराधों की केस स्टडी के माध्यम से विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन फ्रॉड, फाइनेंशियल फ्रॉड तथा सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर, किस प्रकार अपराधी हमें अपना शिकार बनाते हैं आदि के बारे में जानकारी दी।
विदित हो कि, साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के अभियान के तहत इंदौर पुलिस द्वारा लगातार स्कूल/कॉलेज, संस्थानों, बैंक, औघोगिक इकाईयों, कॉलोनियों, में बच्चों से लेकर बुजुर्गो तक के हर जाति वर्ग के लोगों के बीच जाकर उन्हें साइबर अपराधों से बचाने के लिये जागरूक किया जा रहा है।
साइबर अवेयरनेस के इस महाअभियान में एडीशनल डीसीपी क्राइम इंदौर राजेश दंडोतिया भी कार्यशालाओं, नुक्कड़ नाटकों, पोस्टर्स, पम्पलेट्स व सोशल मीडिया आदि के माध्यम से आम नागरिकों से सीधे जनसंवाद कर जागरूकता की अलख जगा रहे हैं। इसी के अंतर्गत आज उनकी ये 400 वीं कार्यशाला थी, जिसमें उन्होंने वर्चुअल वर्ल्ड के विभिन्न नई नई तकनीकों के साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दुरुपयोग करके भी किस प्रकार के साइबर अपराध किये जा सकते हैं बताया। साथ ही साइबर अपराध होने पर हेल्पलाइन-1930, cybercime.gov.in तथा इंदौर पुलिस की साइबर हेल्पलाइन 704912445 आदि पर किस प्रकार शिकायत करें तथा पुलिस इन पर किस प्रकार कार्यवाही करती है और साइबर अपराधों से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखें आदि के संबंध में प्रैक्टिकली समझाया।
उन्होंने सभी से कहा कि, चूंकि हम सभी आजकल ज्यादा से ज्यादा काम और पढ़ाई भी ऑनलाइन ही कर रहे है। इस डिजिटल वर्ल्ड में साइबर अपराधियों के सबसे ज्यादा सॉफ्ट टारगेट्स- टीनएजर्स, नए युवा, बुजुर्ग और महिलाएं ही होते हैं। ये अपराधी बच्चों व युवाओं को ऑनलाइन गेम व बेटिंग ऐप्प की लत लगाकर, उनकी जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर महिलाओं को परेशान कर रहे हैं। लालच व डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन व फर्जी शयेर ट्रेडिंग जैसे फ्रॉड कर रहे हैं
अतः साइबर क्राइम से बचने के लिए जागरूक और सतर्क रहकर पूरी सावधानी के साथ डिजिटल लेन देन व अन्य कार्य, सोशल मीडिया का उपयोग करें, अनजान लिंक पर क्लिक करने व ऑनलाइन गेम खेलने मे भी ध्यान रखें और अपनी निजी जानकारी किसी से कभी भी शेयर न करें।
इस दौरान पुलिस टीम ने स्टूडेंट्स व पैरेंट्स को साइबर अवेयरनेस के पम्पलेट्स व स्टिकर्स भी दिए और सभी को साइबर जागरूकता लाने में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया।
इसी कड़ी में पुलिस टीम ने कल पलासिया चौराहे पर वाहनों में व अन्य स्थानों पर स्टिकर्स व पोस्टर्स लगाए तथा वहाँ करीब 500 लोगों को पम्पलेट्स बांटकर साइबर जागरूक बनने के लिए प्रेरित किया।
रिपोर्ट-अनिल भंडारी
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