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- इंदौर पुलिस अधिकारियों के लिए किया गया, बेहतर अनुसंधान व दक्षता उन्नयन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन।&url=https://policewala.org.in/?p=21608" rel="nofollow">Tweet
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इंदौर मध्य प्रदेश
पुलिस अधिकारियों ने विभिन्न गंभीर अपराधों एवं एनडीपीएस एक्ट के अपराधों की और बेहतर विवेचना के विभिन्न टिप्सों के साथ ही जाना डीजिटल साक्ष्यों की उपयोगिता एवं महत्व।
इन्दौर – अपराधों में त्वरित कार्यवाही व इनमें वर्तमान के डिजीटल व वैज्ञानिक साक्ष्यों का उपयोग कर, विवेचना को और बेहतर व गुणात्मक तरीके के कर, अपराधियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर मकरंद देऊस्कर के मार्गदर्शन में आज दिनांक 11.102023 को पलासिया स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय के सभागार में पुलिस अधिकारियों के लिये अनुसंधान में दक्षता उन्नयन हेतु एक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
उक्त प्रशिक्षण कार्यशाला में पुलिस उपायुक्त इंदौर ज़ोन-3 पंकज पाण्डे एवं उप पुलिस अधीक्षक नारकोटिक्स विंग इंदौर राजेन्द्र चतुर्वेदी द्वारा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मुख्यालय इंदौर सीमा अलावा सहित, नगरीय पुलिस के सहायक पुलिस आयुक्तगण की उपस्थिति में नगरीय पुलिस के सभी थानों में नए उपनिरीक्षकों को विभिन्न अपराधों एवं मर्ग जांच एवं एनडीपीएस एक्ट के अपराधों की और बेहतर विवेचना तथा डीजिटल साक्ष्यों की उपयोगिता एवं महत्व और अनुसंधान में इनका उपयोग किस प्रकार किया जाए इसके संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
उक्त सेमिनार में डीसीपी पंकज पांडे द्वारा उपस्थित सभी विवेचना अधिकारियों को बताया कि, अपराधों में हर स्तर पर बारीकी से जांच होनी चाहिए, इसमें थोड़ी सी चूक भी अपराधी के बचाव में सहायक हो सकती है। सभी प्रकार के अपराधों एवं महिला अपराधों में डीजिटल व वैज्ञानिक साक्ष्य अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है अतः इन्हें सहेजने व अपराधों की विवेचना में इनका प्रयोग करने में पूर्ण सावधानी बरतनी चाहिए तथा जांच के दौरान सभी पहलुओं का विशेष ध्यान रखना चाहिये। साथ ही उन्हें विभिन्न अपराधों की एफआईआर के माध्यम से अपराधों की जांच में साक्ष्यों का संकलन, नक्शा मौका, घटना स्थल के निरीक्षण के समय ध्यान रखने वाली बातें, कथन व चालान लगानें व अनुसंधान के दौरान ध्यान देने वाली बारीकियों और विभिन्न प्रावधानों के संबंध में विस्तृत रूप से समझाया गया।
वहीं नारकोटिक्स विंग के डीएसपी राजेन्द्र चतुर्वेदी द्वारा वर्तमान के बढ़ते मादक पदार्थो के अपराधों को लेकर, इनकी बेहतर तरीके से विवेचना व अनुसंधान के लिये एनडीपीएस एक्ट 1985 की बारिकियों से सभी विवेचना अधिकारियों को अवगत करवाया। उन्होंने सभी से कहा कि एनडीपीएस एक्ट के अपराधों के अनुसंधान में बहुत ही ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है, तभी हम इनमें लिप्त अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवा पाएंगे।
दोनों पुलिस अधिकारियो द्वारा विवेचना अधिकारियों को विभिन्न अपराधों की केस स्टडी के माध्यम से अनुसंधान की बारिकियों का प्रेक्टिकल नॉलेज देकर, प्रशिक्षणार्थियों के कई डाउट्स का बड़े ही रोचक ढंग से निराकरण किया गया। रिपोर्ट अनिल भंडारी

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