*सरपंच पति, उपसरपंच और सह सचिव का सिंडिकेट*
*मजदूरों को पीटा, हड़पी मजदूरी और रसूख के दम पर कराई फर्जी एफआईआर*
शहडोल। ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर भ्रष्टाचार और तानाशाही किस कदर हावी है, इसकी एक रूह कंपा देने वाली मिसाल संभाग के अनूपपुर जिले की जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ की ग्राम पंचायत कछराटोला से सामने आई है। यहां जनता के पैसों पर ऐश करने वाले जनप्रतिनिधि और शासकीय अमला मिलकर गुंडा गैंग में तब्दील हो चुके हैं। मामला कमिश्नर महोदय के दरबार तक पहुंच चुका है, जहां वार्ड क्रमांक 3 के पंच छत्रपाल मरावी सहित समस्त ग्रामीणों और पीडि़त मजदूरों ने लिखित शिकायत सौंपकर न्याय की भीख मांगी है। आरोप है कि ग्राम पंचायत कछराटोला की सरपंच श्रीमती फूलमति गोयल के पति भुनेश्वरदास गोयल (जो स्वयं भी पंच हैं), उपसरपंच राम सिंह मरावी और रोजगार सहायक सचिव चौकसे ने मिलकर अपना गैंग बना रखा है। यह गैंग न सिर्फ सरकारी पैसों का गबन कर रहा है, बल्कि हक मांगने वाले गरीब मजदूरों का खून बहाने पर आमादा है।
*मजदूर का कॉलर पकडक़र की बेरहमी से पिटाई*
शिकायत के अनुसार, वार्ड क्रमांक 3 में सीसी रोड निर्माण कार्य चल रहा है। आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से ही सरपंच पति भूनेश्वर गोयल प्रतिदिन शराब पीकर अपनी गैंग के गुर्गों—ज्ञाननाथ गवले, कुलदीप गवले, दशोलाल गवले, सचिन गवले, उत्तमदास गोयल और रामप्रकाश महरा के साथ साइट पर धमक जाता था और मजदूरों को अश्लील गालियां देकर मारपीट की धमकी देता था। हद तो तब पार हो गई जब इस गुंडा गैंग के गुर्गे कुलदीप गवले ने खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाते हुए काम कर रहे गरीब मजदूर भागवत का कॉलर पकड़ा और उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। उस वक्त सडक़ का काम पूरा कराने के इरादे से भागवत कुमार शांत रहा और काम खत्म होने के तुरंत बाद पेमेंट करने की बात तय हुई।
करा दी फर्जी एफआईआर
शिकायत के अनुसार जब सीसी रोड का निर्माण पूरा हो गया और पीडि़त मजदूरों ने अपने पसीने की कमाई (मजदूरी भुगतान) की मांग की, तो इन रसूखदारों का असली चेहरा सामने आ गया। पैसे देने के बजाय सरपंच पति भूनेश्वर गोयल ने अपनी राजनैतिक धौंस का इस्तेमाल करते हुए करनपठार थाने में निर्दोष मजदूरों के खिलाफ ही उलटी झूठी एफआईआर दर्ज करा दी। इतना ही नहीं भूनेश्वर गोयल, राम सिंह मरावी (उपसरपंच) और सचिन (सह सचिव) खुलेआम ग्रामीणों को धमकाते हुए कहते हैं कि कलेक्टर और कमिश्नर तो हमारे जेब में हैं, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, तुमको जहां जाना है जाओ, हम खुद निबट लेंगे।
गरीबों के वार्ड में 3 इंच का घालमेल
शिकायत के अनुसार जहां एक तरफ सरपंच के घर जाने वाली सीसी रोड को बकायदा 8 इंच मोटाई की मजबूत बनाई गई है, वहीं बगल में स्थित वार्ड क्रमांक 3 के गरीबों के लिए बनने वाली सीसी रोड को मात्र 3 से 4 इंच मोटाई का बनाकर भारी घालमेल किया गया है। गुणवत्ता की स्थिति यह है कि एक मिक्सर मसाले में 14 तगाड़ी रेत, 18 तगाड़ी गिट्टी और मात्र 2 तगाड़ी सीमेंट मिलाई जा रही है, जो पूरी तरह घटिया और अमानक है। इतना ही नहीं, वार्ड क्रमांक 3 की इस सडक़ को तिराहे के पास अधूरा ही छोड़ दिया गया और वहां की बची हुई सरकारी सामग्री (रेत, गिट्टी) को ट्रैक्टर से उठवाकर सरपंच के घर पर डंप करवा दिया गया। इसके अलावा, उपसरपंच के घर के सामने बिना किसी तिराहे के भी नियमों के विपरीत 5 से 6 मीटर चौड़ी वीआईपी सडक़ बना दी गई, जिसके चलते हादसों (एक्सीडेंट) की आशंका बढ़ गई है।
मिक्सर मशीन के डीजल के लिए भी मजदूरों से वसूली
भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा तो तब दिखी जब उपसरपंच द्वारा सरकारी काम में चलने वाली मिक्सर मशीन के डीजल के लिए भी गरीब मजदूरों से पैसों की मांग की जाने लगी। साफ शब्दों में कहा गया कि जब तक डीजल के पैसे नहीं दोगे, तब तक सडक़ आगे नहीं बनेगी। इसके साथ ही पाला तालाब के पास नरदहा पहुंच मार्ग में बनाए गए पुलिया निर्माण में भी भारी घटिया सामग्री का उपयोग कर सरकारी राशि को डकारा गया है।
निरस्त हो फर्जी एफआईआर, जेल जाएं भ्रष्टाचारी
इस भीषण दमन और लूटपाट से तंग आकर गंगा सिंह, ओमकार सिंह, मनोज, विजय सिंह, सूरत सिंह, कामराज सिंह, देवकी बाई, हेनबती बाई, सुहागवती सहित दर्जनों महिला और पुरुष ग्रामीणों ने हस्ताक्षर कर कमिश्नर से न्याय की गुहार लगाई है। ग्रामीणों की मांग है कि करनपठार थाने में मजदूरों के खिलाफ दर्ज कराई गई फर्जी रिपोर्ट को तत्काल निरस्त किया जाए, वार्ड क्रमांक 3 की सीसी रोड और पुलिया निर्माण की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए और इस गुंडा गैंग (सरपंच पति, उपसरपंच और सह सचिव) के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर इन्हें तत्काल जेल भेजा जाए।
*अजय पाल*
