जांजगीर-चांपा। साइबर ठगी के शिकार पीड़ितों को त्वरित न्याय और आर्थिक राहत दिलाने के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा जिले में भारत सरकार की नई गाइडलाइन के तहत एक दिवसीय विशेष पुलिस सहायता शिविर का सफल आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में साइबर थाना जांजगीर में आयोजित इस शिविर में न केवल जांजगीर-चांपा, बल्कि सक्ती, कोरबा और बलरामपुर जिले से पहुंचे 106 पीड़ितों की समस्याओं का संवेदनशीलता से निराकरण किया गया। शिविर के दौरान कुल 8,98,310 रुपये की राशि पीड़ितों के खातों में वापस कराने की विधिक प्रक्रिया पूरी की गई, साथ ही 20 गुम हुए मोबाइल फोन भी आवेदकों को सौंपे गए। वर्ष 2026 में अब तक जांजगीर पुलिस द्वारा 1 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 636 मोबाइल बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं।
शिविर में भारत सरकार के नए जीआरएम (ग्रेवियंस रिड्रेसल मैकेनिज्म) पोर्टल के तहत 47 पीड़ितों के फ्रीज खातों को डिफ्रीज करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन तैयार किए गए। इसके अलावा एमआरएम (मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल) पोर्टल के माध्यम से 50 हजार रुपये से कम होल्ड राशि वाले 17 पीड़ितों के 77,310 रुपये की सीधी वापसी के लिए ऑनलाइन आवेदन कराया गया, जिसमें पीड़ितों को न्यायालय या एफआईआर की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वहीं 50 हजार रुपये से अधिक होल्ड राशि वाले 10 मामलों में 8,21,000 रुपये की वापसी के लिए मामले न्यायालय भेजे गए। पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय ने नागरिकों से अनजान लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी साझा न करने तथा ठगी होने पर तत्काल 1930 या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की।
इस सफल आयोजन में अति. पुलिस अधीक्षक श्री उमेश कुमार कश्यप के कुशल मार्गदर्शन एवं नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) जांजगीर श्रीमती योगिताबाली खापर्डे के नेतृत्व में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा, एएसआई विवेक सिंह, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा, राजकुमार चंद्रा, विवेक सिंह तथा आरक्षक रोहित कहरा, माखन साहू, प्रदीप दुबे, गिरीश कश्यप, चिंजीव कमलेश, विशाल सिंह, सिदार सिंह पैकरा, आशुतोष कर्ष, मो. शाहबाज़, महिला आरक्षक अंजना लकड़ा एवं दिव्या सिंह का सराहनीय योगदान रहा।
रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़
