•  पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) श्री रामकृष्ण साहू (IPS) के निर्देशन पर एएसपी श्री हरीश कुमार यादव ने ली साइबर अपराध की रोकथाम एवं सुरक्षा व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए शहर के बैंक शाखा प्रबंधकों की बैठक। 

 

 

 

बेमेतरा, 16 अप्रैल 2026:- पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) श्री रामकृष्ण साहू (IPS) के निर्देशन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हरीश कुमार यादव ने साइबर अपराध की रोकथाम एवं सुरक्षा व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुये बेमेतरा शहर अंतर्गत संचालित बैंक अधिकारियों ( शाखा प्रबंधकों) के साथ पुलिस कार्यालय बेमेतरा के मीटिंग हाल में बैठक आहुत किया गया।

 

एएसपी श्री हरीश कुमार यादव ने विगत माह जिले में हुई एक चोरी की घटना के संबंध में विस्तृत चर्चा कर बैंक प्रबंधको को बैंकों व एटीएम की सुरक्षा संबंधित आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जिसमें  बैंकों व एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुये – (1) बैंक के अंदर प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्तियों की संपूर्ण जानकारी रखा जाए (2) बैंक के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे चालू स्थिति में हो (3) बैंक के सुरक्षा गार्ड का नियमित रूप से चरित्र सत्यापन हो (4) गार्ड के आर्म्स चालू स्थिति में हो (5) बैंक के खुलने और बंद होने का निर्धारित समय हो, (6) बैंक का सायरन चालू अवस्था में हो, (7) बिना गार्ड वाले एटीएम को रात्रि में बंद रखने, (8) सीसीटीवी कैमरा के रिकार्डर को सुरक्षित स्थान पर रखने, (9) बैंक अधिकारियों के पास निकटतम थाना/पुलिस कंट्रोल रूम/आपातकालीन नंबर मौजूद हो तथा बैंक पटल में भी लिखे हो, (10) बैंक में संधारित चेकिंग रजिस्टर में नियमित प्रविष्टि दर्ज हो, (11) बैंक में प्रवेश करने वाले व्यक्ति चेहरा ढककर/हेलमेट पहनकर अथवा स्कार्फ पहनकर ना आए इस पर विशेष ध्यान दें और आवश्यक रूप से बैंक के बाहर इस संबंध में नोटिस चस्पा किया जाए, (12) रकम लाने-ले जाने की सूचना देने, रात्रि में बैंक परिसर के चारों ओर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था हो, तथा पार्किंग व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुये, बैंक के समाने लगने वाले अव्यवस्थित वाहनों को व्यवस्थित ढंग से पार्किंग किये जाने एवं  यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध लगे तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को देने एवं पुलिस का यथा संभव सहयोग करने एवं इसके अलावा भी कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा किया गया।

 

एएसपी श्री हरीश कुमार यादव ने कहा कि साइबर अपराधियों को पकड़ने में बैंक की भूमिका बेहद अहम होती है। यदि किसी भी मामले में बैंक से जानकारी देने में विलंब होता है, तो अपराधी के फरार होने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने बैंक प्रबंधकों को निर्देशित किया कि पुलिस द्वारा मांगी गई जानकारी शीघ्रता से उपलब्ध कराई जाए, ताकि अपराध की समय पर जांच और कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।

 

उन्होनें कहा कि बैंक खाता खोलते समय पूरी जांच-पड़ताल की जाए। ग्राहक के दस्तावेजों की पुष्टि, प्रारंभिक पूछताछ और समुचित संतुष्टि के बाद और संबंधित व्यक्ति की मौजूदगी में ही खाता खोला जाए, खाता खोलते वक्त आधार से लिंक मोबाईल नंबर लिए जाए ताकि सही व्यक्ति का बैंक खाता में मोबाईल नंबर दर्ज हो, संदिग्ध लेन-देन की सूचना पर फौरन एक्शन लेते हुए खाता होल्ड की जाए, लोन लेने के लिए व्यक्ति यदि किसी अन्य व्यक्ति को अधिकृत करता है तो लोन स्वीकृत करने से पहले जिस व्यक्ति के नाम से लोन स्वीकृत किया जा रहा है उसे बैंक बुलाकर तस्दीक की जाए, किसी संदिग्ध खाते में अत्यधिक लेने-देन या कोई बड़ी ट्रान्जेक्शन पर नजर बनाए रखे और पुलिस को सूचित करने के निर्देश दिए। यह कदम साइबर बैंकिंग फ्राड और गलत उद्देश्य से खोले गए खाते को रोकने के लिए आवश्यक है।

 

           बैठक में बैंक प्रबंधकों को कहा गया है कि बैंक के अंदर व बाहर भाग पर साइबर अपराध से बचाव की जानकारी हेतु फ्लैक्स चस्पा कराए, ताकि लोग उसे पढ़कर जागरूक हो, साथ ही सभी बैंक में पुलिस थाना, चौकी व पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर, संबंधित थाना-चौकी प्रभारी आदि का मोबाईल नंबर बैंक में लिखवाए जिससे उस पर आसानी से नजर जा सके।

 

बेमेतरा पुलिस अपील करती है कि साइबर ठगी से बचाव हेतु सतर्क रहें, अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी/पासवर्ड साझा न करें और किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी की सूचना तुरंत टोल फ्री नंबर 1930 पर दें।”

 

बैठक में एसडीओपी बेमेतरा श्री भूषण एक्का, थाना प्रभारी सिटी कोतवाली बेमेतरा निरीक्षक सोनल ग्वाला, साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक मयंक मिश्रा, रीडर-1 निरीक्षक कृष्ण कांत सिंह, प्रधान आरक्षक मोहित चेलक, लोकेश सिंह, एएसपी रीडर प्रधान आरक्षक वर्षा चौबे एवं विभिन्न बैंकों के शाखा सहित उनके प्रतिनिधि मौजूद रहे।

 

ब्यूरो चीफ शंकर अघिजा 9098970709

क्राइम रिपोर्टर राजा जनक्यानी

Leave A Reply

Exit mobile version