
मुख्य बिंदु:
बड़ा खुलासा: भारत सरकार के ‘समन्वय पोर्टल’ की मदद से 250 से अधिक संदिग्ध बैंक खातों की जांच की गई, जिनमें 1,88,67,554 रुपये के सायबर फ्रॉड का लेनदेन पाया गया।
बैंकों की संलिप्तता: जांच के दायरे में मुख्य रूप से कर्नाटका बैंक (दुर्ग) और फेडरल बैंक (सुपेला) के खाते आए हैं।
सख्त कार्रवाई: पकड़े गए आरोपी अपने बैंक खातों को अवैध लाभ के लिए सायबर ठगों को उपलब्ध कराते थे। पुलिस ने इनके पास से मोबाइल और पासबुक बरामद की है।
सक्रिय अभियान: वर्ष 2026 के मात्र चार महीनों में दुर्ग पुलिस अब तक 150 से अधिक सायबर अपराधियों को जेल भेज चुकी है।
पुलिस की अपील: दुर्ग पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया है कि कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता किसी अनजान व्यक्ति को न दें, क्योंकि म्यूल खाता उपलब्ध कराना एक गंभीर दंडनीय अपराध है।
रिपोर्ट:मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ,पुलिसवाला न्यूज़

