डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया

शहपुरा (डिंडौरी)। नगर परिषद शाहपुरा में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित सीसी सड़कों की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच अब धरातल पर शुरू हो गई है। कलेक्टर डिंडौरी के निर्देश पर गठित दो सदस्यीय जांच दल मंगलवार को शाहपुरा पहुंचा और शिकायत में उल्लेखित निर्माण स्थलों का निरीक्षण करते हुए सड़कों की गुणवत्ता परखने के लिए कोर कटिंग के माध्यम से नमूने एकत्र किए।

जानकारी के अनुसार, 21 अप्रैल 2026 को कलेक्ट्रेट डिंडौरी में आयोजित जनसुनवाई के दौरान शाहपुरा निवासी रामदयाल यादव ने नगर परिषद क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता और निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में विभिन्न निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई थी।

शिकायत के तीसरे बिंदु में कायाकल्प योजना एवं मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के तहत निर्मित सीसी सड़कों की गुणवत्ता और मात्रा पर सवाल उठाए गए थे। शिकायतकर्ता का आरोप था कि निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया गया और कई स्थानों पर स्वीकृत एस्टीमेट के अनुसार कार्य भी पूर्ण नहीं कराया गया। इसके चलते कुछ सड़कें समय से पहले क्षतिग्रस्त होने लगी हैं, जिससे निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।

शिकायत में उल्लेख किया गया था कि वार्ड क्रमांक-3 में शहीद स्मारक से राजेश उपाध्याय के घर तक, वार्ड क्रमांक-4 में निजार खान के घर से शंकरगंज तक तथा वार्ड क्रमांक-3 में अर्जुन रजक के घर से मेहंदवानी रोड तक सीसी सड़क निर्माण स्वीकृत था। आरोप है कि कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य स्वीकृत स्थल के अनुरूप नहीं कराया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, शहीद स्मारक से निर्माण किए जाने के बजाय शिवशक्ति चौक से सड़क बनाई गई, जबकि अर्जुन रजक के घर से मेहंदवानी रोड तक प्रस्तावित सड़क में भैरवगंज क्षेत्र का लगभग 100 मीटर हिस्सा छोड़ दिया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर डिंडौरी ने एसडीओ पीआईयू और एसडीओ पीडी को शामिल करते हुए दो सदस्यीय जांच दल गठित किया था। जांच दल ने शिकायत में वर्णित स्थलों का निरीक्षण किया और सड़कों की मोटाई तथा निर्माण गुणवत्ता की जांच के लिए कोर कटिंग कर नमूने लिए।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सड़क की सतह पर कई स्थानों पर गिट्टी उखड़ने और सतह खराब होने की स्थिति पर भी नाराजगी जताई। नगर परिषद के इंजीनियर को आवश्यक सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं।

जांच अधिकारियों के अनुसार, एकत्र किए गए नमूनों को तकनीकी परीक्षण के लिए जबलपुर स्थित प्रयोगशाला भेजा जाएगा। परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप हुआ है या नहीं। यदि जांच में अनियमितता अथवा गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।

नगर परिषद शाहपुरा के विकास कार्यों को लेकर शुरू हुई इस जांच पर नगरवासियों की निगाहें टिकी हुई हैं। अब सभी को प्रयोगशाला की रिपोर्ट का इंतजार है, जो यह तय करेगी कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

इनका कहना है

“शहपुरा निवासी रामदयाल यादव द्वारा कलेक्ट्रेट में सीसी सड़क की गुणवत्ता को लेकर शिकायत की गई थी। कलेक्टर महोदया के निर्देश पर गठित दो सदस्यीय जांच दल के तहत आज शाहपुरा में कोर कटिंग कर सैंपल एकत्र किए जा रहे हैं। इन नमूनों को जांच के लिए जबलपुर भेजा जाएगा। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

– राजेश विश्वकर्मा, एसडीओ, पीआईयू

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