चंदेरी-श्रावण मास के शुभारंभ से ही भगवान शिव को प्रसन्न करने कालों के काल महाकाल के पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। सावन माह के प्रथम दिन से ही जगत जननी जागेश्वरी माई के दरवार में हर दिन रूद्राभिषेक का आयोजन हो रहा है। मंदिर के पुजारी महंत जुगल किशोर जी महाराज ने बताया की भगवान शिव की आराधना श्रावण मास में अत्यधिक फलदाई होती है। पिछले 27 वर्षों से शिव रुद्रअर्चन छोटे रूप में होता आ रहा है। इस बार वृहद रूप में महारूद्र अर्चन, शिवार्चन, रुद्राभिषेक और विभिन्न प्रकार के देवों का आवाहन प्रतिदिन किया जा रहा है ।माँ जागेश्वरी मंदिर शिव – शक्ति का संगम स्थल है ।जहां 2251 रूद्र है।उनके मध्य में शिवलिंगों का निर्माण प्रतिदिन हो रहा है। जनकल्याण और सनातन संस्कृति के उत्थान के लिए यह कार्यक्रम कराया जा रहा है।मंदिर में प्रतिदिन सुवह आठ बजे से शाम तक अ बनते है।उसके बाद पीठ पूजन और शाम के समय भजन ,शिवार्चन, विदाई और विसर्जन होता है।
पुलिसवाला न्यूज़ समाचार चंदेरी
पत्रकार सैयद आबिद हाशमी
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