छिंदवाड़ा/तामिया। आज़ादी के 75 साल बाद भी देश में कई ऐसे गांव हैं जहां बुनियादी सुविधाएं आज तक नहीं पहुंच सकी हैं। छिंदवाड़ा जिले के तामिया विकासखंड अंतर्गत कपूरनाला पंचायत का नागदोन गांव इसका जीवंत उदाहरण है।यहां भारिया जनजाति के करीब 75 घरों में लगभग 800 लोग रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आज़ादी के बाद से आज तक गांव तक सड़क नहीं पहुंची, जिसके चलते बरसात के मौसम में हालात और भी बिगड़ जाते हैं।
बरसात में बंद हो जाता है रास्ता गांव से तामिया जाने के रास्ते में एक बड़ी नदी पड़ती है। बरसात के दौरान नदी में पानी भर जाने से मार्ग पूरी तरह बंद हो जाता है। सड़क न होने से कीचड़ और गड्ढों में जलभराव की स्थिति बनती है। ग्रामीण अक्सर गिरकर घायल हो जाते हैं।
गर्भवती और बीमारों को खटिया पर ले जाना पड़ता है ग्रामीणों के अनुसार, सबसे बड़ी परेशानी तब होती है जब गांव में कोई बीमार हो जाए या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना हो। सड़क नहीं होने के कारण मरीजों को खटिया पर उठाकर ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।जनप्रतिनिधियों पर लापरवाही का आरोप गांववालों का कहना है कि कई बार ग्राम पंचायत कपूरनाला के सरपंच और सचिव से सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन आज तक किसी ने ध्यान नहीं दिया। चुनाव के समय नेता वोट मांगने आते हैं, लेकिन समस्या हल करने के लिए कोई कदम नहीं उठाते।
नेटवर्क सुविधा भी नहीं नागदोन गांव में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा भी नहीं है। इससे आपात स्थिति में मदद लेना भी मुश्किल हो जाता है।जिला प्रशासन से गुहारग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से सड़क निर्माण की मांग की है ताकि गांव की दशा सुधर सके और लोगों को राहत मिल सके। अमित मिश्रा_ ब्यूरो छिंदवाड़ा
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