- Share
- शहपुरा जनपद में राजनीतिक घमासान: अध्यक्ष प्रियंका आर्मो ने लगाया सीईओ पर मनमानी का आरोप, कलेक्टर को पत्र लिख किया न्याय का अनुरोध&url=https://policewala.org.in/?p=42186" rel="nofollow">Tweet
- Pin
- Share
- शहपुरा जनपद में राजनीतिक घमासान: अध्यक्ष प्रियंका आर्मो ने लगाया सीईओ पर मनमानी का आरोप, कलेक्टर को पत्र लिख किया न्याय का अनुरोध https://policewala.org.in/?p=42186" target="_blank" rel="nofollow">
उपाध्यक्ष जितेन्द्र चंदेल और सदस्य टेकेश्वर साहू पर गंभीर आरोप
शहपुरा (डिंडोरी)। शहपुरा जनपद पंचायत में 15वें वित्त आयोग की कार्ययोजना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जनपद अध्यक्ष प्रियंका आर्मो ने जनपद पंचायत सीईओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर को पत्र लिखकर न्याय की मांग की है। अध्यक्ष ने आरोप लगाया है कि उनकी मौखिक सहमति से स्थगित की गई बैठक के बाद सीईओ ने उपाध्यक्ष जीतेन्द्र चंदेल, और सदस्य टेकेश्वर साहू से मिलीभगत कर कार्ययोजना पारित कर दी, जिसमें कई क्षेत्रों की पूरी तरह से अनदेखी की गई।
प्रियंका आर्मो ने अपने पत्र में कहा है कि बैठक दिनांक 29 मार्च 2025 को बुलाई गई थी, लेकिन विधायक महोदय के साथ उन्हें आवश्यक दौरे पर जाना पड़ा, जिस कारण उन्होंने मौखिक रूप से बैठक स्थगित करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके, उनकी अनुपस्थिति में कार्ययोजना पारित की गई, जिसमें केवल 11 जनपद सदस्यों के क्षेत्रों को शामिल किया गया और 6 क्षेत्रों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि “सबकी योजना, सबका विकास” की मूल भावना के साथ खिलवाड़ करते हुए कार्ययोजना को एकतरफा तैयार किया गया। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि योजना निर्माण में निर्धारित मापदंडों का भी पालन नहीं किया गया है।
जनपद अध्यक्ष ने कलेक्टर से मांग की है कि पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 85 के तहत इस प्रस्ताव पर तत्काल रोक लगाई जाए और कार्ययोजना को पुनः पारदर्शी तरीके से सभी क्षेत्रों को समान प्रतिनिधित्व देते हुए तैयार किया जाए। साथ ही, उन्होंने सीईओ पर विधि विरुद्ध कार्य करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने की मांग भी की है।
यह मामला अब प्रशासनिक गलियारों से लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय जनता और जनपद सदस्य भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रियाओं में बंटे नजर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना रोचक होगा कि प्रशासन इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और क्या जनपद की योजनाएं सभी को साथ लेकर आगे बढ़ पाएंगी।
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
Leave a comment