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सिवनी़ (म.प्र.)
समाचार
फर्जी एचएसआरपी नंबर प्लेट विक्रय करने वाले दुकानदारों को नोटिस जारी कर दी गई चेतावनी
सिवनी 20 दिसम्बर 23/ जिला परिवहन अधिकारी सिवनी द्वारा बताया गया कि शासन के निर्देशानुसार सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट लगाया जाना अनिवार्य है। जिले में विभिन्न दुकानदारों द्वारा फर्जी एचएसआरपी नंबर प्लेट वाहनों में लगाए जाने की शिकायत मिलने में परिवहन विभाग के दल द्वारा विभिन्न दुकानों का औचक निरीक्षण कर मौके पर मिली फर्जी नंबर प्लेट को लेकर संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी चेतावनी दी गई है।
उन्होंने बताया कि ऑरिजनल एचएसआरपी प्लेट में यूनिक नंबर दर्ज होता है, जो कि फर्जी नंबर प्लेटों में सम्भव नहीं हैं। अत: जिले के नागरिकों से अपील की गई है कि वह वैद्य डीलरशिप या https://bookmyhsrp.com के माध्यम से ऑनलाईन बुकिंग कर ही नंबर प्लेट बनवाएं। क्र 87/
कृषि विज्ञान केंद्र सिवनी में आयोजित हुआ फसल विविधीकरण पर प्रशिक्षण
सिवनी 20 दिसम्बर 23/ कृषि विज्ञान केंद्र सिवनी में संबंधित कृषि प्रणाली अनुसंधान परियोजना जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर द्वारा फसल विविधीकरण विषय पर दो दिवसीय प्रसार अधिकारी एवं इनपुट डीलर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। दो दिवसीय फसल विविधीकारण प्रशिक्षण भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान मोदीपुरम मेरठ के द्वारा प्रायोजित किया गया। फसल विविधीकारण प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के ख्यातिलब्ध जैविक खेती के विशेषज्ञ डॉ. पी. बी. शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि फसल विविधीकरण हेतु अलग-अलग फसलों को कृषको के क्षेत्र व स्थान के अनुरूप फसल चक्र के अनुसार अपनाने की महती आवश्यकता है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उपसंचालक कृषि कल्याण एवं कृषि विभाग श्री मोरिस नाथ ने फसल विविधीकरण विषय पर विस्तार से अपने विचार रखे एवं भविष्य मे कंधे से कंधे मिलाकर कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिको के साथ कार्य करने की बात कही।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जबलपुर से वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नम्रता जैन परियोजना प्रमुख ने बताया कि फसल विविधीकरण परियोजना अर्न्तगत मध्यप्रदेश मे यह प्रथम प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केंद्र सिवनी में प्रारंभ किया गया है यह बडे गौरव की बात है कि सिवनी जिले से इस फसल विविधीकरण परियोजना का शुभारंभ किया जा रहा है अपने जानकारी देते हुए बताया कि जैव विविधता को बेहतर करने के लिए मृदा स्वास्थ्य को सुधार हेतु एवं फसलों का उत्पादन कर उनका वैल्यू एडिशन कैसे किया जाए इन विषयों पर आप ने विस्तार से हमारे किसान भाइयों को जानकारी दी, प्रशिक्षण में जुडे हुए किसान 4 साल तक लगातार परियोजना के माध्यम से बताई हुई तकनीकी पर खेती का कार्य करते हुए एक प्रभावशील एवं दिशा के साथ कार्य करेंगे जिसका लाभ सिवनी जिले के किसानों को प्राप्त होगा प्रशिक्षण के प्रारंभ में परिचर्चा की गई। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. शेखर सिंह बघेल द्वारा ने अपने उद्बोधन में कहा कि फसल विविधीकरण आज के समय की महती आवश्यक्ता है हमारे किसान भाई लगातार एक ही फसलों को उत्पादन लेने के कारण विभिन्न प्रकार की समस्याएं पैदा हो रही है। कृषि क्षेत्र के प्रसार अधिकारी व कृषि आदान विक्रेता वैज्ञानिक व कृषको को बीच सेतु का कार्य कर बेहतर लाभ पहुंचा सकते है।
कार्यक्रम में अधिष्ठता कृषि महाविघालय जबलपुर डॉ. पी.बी. शर्मा का शाल-श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। प्रशिक्षण के उपरांत कृषि विज्ञान केंद्र के प्रक्षेत्र में चने की फसल कि किस्म जे.जी.-24 के बारे में जानकारी देते हुए प्रक्षेत्र भ्रमण कराया गया, डॉ. पी. बी. शर्मा द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र, सिवनी में किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा की गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतम संचालन डॉ. निखिल कुमार सिंह वैज्ञानिक एवम आभार प्रदर्शन डॉ के. के. देशमुख द्वारा किया गया।
प्राशिक्षण के दौरान कृषि विभाग के डॉ. अखिलेश कुल्होडे, श्री पवन कौरव, श्री नितिन र्कीति गनवीर, कृष्ठा नागले आदि अधिकारीयो की उपस्थिति रही। प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. के. के. देशमुख, डॉ. एन. के. सिंह, डॉ. के. पी. एस. सैनी, इंजि. कुमार सोनी, श्रीमति आभा श्रीवास्तव, डॉ. करूणा मेश्राम पगारे, डॉ. चंचला शिव, डॉ. जी. के. राणा, ,श्री शुभम झारिया, श्री शिवशंकर मिश्रा, श्री देवी प्रसाद तिवारी, श्री हिमांशु कुमारे, श्री हिमेश गढेवाल, श्री नीत लाहोरी, श्री जयंशकर गौतम एवं कृषि विज्ञान केन्द्र, सिवनी के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति रहीं। क्र 88/
रिपोर्ट-जितेंद्र बघेल
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