बरगी के निगरी गांव में जातिगत भेदभाव और धमकी के आरोप, ग्रामीणों ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार –

जबलपुर जिले के बरगी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम निगरी में धार्मिक आयोजनों के दौरान कथित जातिगत भेदभाव, सामाजिक बहिष्कार जैसी परिस्थितियां उत्पन्न करने तथा धमकी देने के आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में ग्रामीणों ने थाना बरगी में शिकायत आवेदन प्रस्तुत कर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों की ओर से दिए गए शिकायत आवेदन में आरोप लगाया गया है कि गांव में दुर्गा माता के पंडाल, पूजा-पाठ, कन्या भोज तथा अन्य सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान अनुसूचित जाति एवं अन्य वंचित वर्गों के लोगों के साथ कथित रूप से भेदभाव किया जाता है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन्हें धार्मिक आयोजनों में शामिल होने, साथ बैठने और सामूहिक गतिविधियों में सहभागिता करने के दौरान अलग-थलग रखने जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

आवेदन में यह भी कहा गया है कि इस तरह के कथित व्यवहार से ग्रामीणों के बीच आपसी भाईचारे, सामाजिक समानता और सद्भाव पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि सभी ग्रामीणों को धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में समान अधिकार, सम्मान और सहभागिता का अवसर मिलना चाहिए।

इंस्टाग्राम पर धमकी देने का भी आरोप –

इसी मामले से संबंधित एक अन्य शिकायत में ग्राम निगरी निवासी ज्योति चौधरी ने आरोप लगाया है कि उनकी इंस्टाग्राम आईडी पर कथित रूप से धमकी भरे संदेश दिए जा रहे हैं। शिकायत के अनुसार, उन्हें नुकसान पहुंचाने और मारपीट करने की धमकी देने के साथ गाली-गलौज भी की गई। शिकायतकर्ता ने इन घटनाओं के कारण स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

ज्योति चौधरी ने थाना प्रभारी से शिकायत की जांच कर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।

ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच की मांग की –

ग्रामीणों की ओर से प्रस्तुत सामूहिक शिकायत में भी मामले की निष्पक्ष जांच कराने, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा गांव में कथित जातिगत भेदभाव की प्रवृत्ति को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि गांव में ऐसा वातावरण होना चाहिए, जहां सभी लोग बिना किसी भेदभाव के धार्मिक, सामाजिक और सामुदायिक कार्यक्रमों में भाग ले सकें।

अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन शिकायतों पर क्या कदम उठाता है और गांव में सामाजिक सौहार्द, समानता तथा कानून के प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए किस प्रकार की कार्रवाई की जाती है।

रिपोर्ट – सोमदेव चौधरी, निगरी

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