16वें वित्त आयोग की राशि, मनरेगा भुगतान और लंबित फाइलों को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में सरपंच संघ, प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी

 

गरियाबंद। ग्राम पंचायतों की आर्थिक बदहाली, लंबित भुगतान और विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को लेकर जिला सरपंच संघ ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला अध्यक्ष हरीश साहू के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर से मुलाकात कर कलेक्टर एवं जिला पंचायत प्रशासन के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने दो टूक चेतावनी दी है कि 4 नवंबर 2026 तक पंचायतों की लंबित राशि जारी नहीं हुई, तो 4 से 10 नवंबर के बीच किसी भी दिन कलेक्ट्रेट का घेराव और चक्काजाम किया जाएगा।

 

राशि के अभाव में विकास की रफ्तार पर ब्रेक!

 

सरपंच संघ ने 16वें वित्त आयोग की लंबित राशि एक सप्ताह के भीतर जारी करने, मनरेगा के पूर्ण एवं लंबित कार्यों का भुगतान करने तथा मूलभूत मद में पर्याप्त राशि उपलब्ध कराने की मांग उठाई। संघ का कहना है कि पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं, लेकिन समय पर राशि नहीं मिलने और भुगतान में देरी के कारण गांवों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता सहित जनहित से जुड़े कार्यों को गति देने में सरपंचों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

 

लंबित फाइलों पर नाराजगी, 15 दिन में निराकरण की मांग

 

जिला अध्यक्ष हरीश साहू ने निर्माण कार्यों की फाइलों में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नियमानुसार निर्माण कार्य पूर्ण होने और मूल्यांकन के बाद भी भुगतान के लिए इंतजार करना पड़ता है। संघ ने लंबित फाइलों के निराकरण एवं अग्रेषण के लिए अधिकतम 15 दिवस की समय-सीमा निर्धारित करने तथा पूर्ण एवं मूल्यांकित कार्यों की बकाया राशि शीघ्र जारी करने की मांग की है।

 

आवास से लेकर राशन कार्ड तक, कई मुद्दों पर प्रशासन का ध्यानाकर्षण

 

ज्ञापन में राशन कार्ड निर्माण की व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने, प्रधानमंत्री आवास योजना के सर्वे में छूटे पात्र हितग्राहियों के नाम दोबारा जोड़ने, पंचायत सचिवों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा शासकीय कार्यक्रमों में सरपंचों को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप आमंत्रित कर सम्मानजनक स्थान देने की मांग भी शामिल है। इसके अलावा शासकीय कार्यक्रमों एवं शिविरों में संबंधित विभागों से नियमानुसार आर्थिक सहयोग लेने तथा पत्रकारिता की आड़ में कथित अवैध वसूली और धमकी की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने की मांग की गई।

 

हरीश साहू का दो टूक संदेश—मांगें पूरी करें, वरना सड़क पर उतरेगा संघ!

 

जिला सरपंच संघ के अध्यक्ष हरीश साहू ने कहा कि सरपंच गांवों में विकास और जनसेवा की जिम्मेदारी निभाते हैं, लेकिन राशि के अभाव और भुगतान में अनावश्यक देरी से विकास कार्यों की गति प्रभावित होती है। पंचायतों की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

 

उन्होंने स्पष्ट किया कि 4 नवंबर तक लंबित राशि जारी नहीं हुई, तो जिला सरपंच संघ आंदोलन के लिए बाध्य होगा। निर्धारित समय-सीमा के भीतर मांगें पूरी नहीं होने पर कलेक्ट्रेट घेराव और चक्काजाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि ग्राम पंचायतों के अधिकारों, ग्रामीण विकास और जनता की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा सवाल है।

 

ज्ञापन सौंपने पहुंचे जिलेभर के सरपंच एवं पदाधिकारी

 

इस दौरान जिला संरक्षक पन्ना लाल ध्रुव, कार्यकारी अध्यक्ष कोमल देव ध्रुव, जिला कोषाध्यक्ष हलमान धुर्वा सहित मोती निषाद, सुखसेव साहू, बेनीशंकर साहू, घनश्याम मरकाम, चम्पेश्वर ध्रुव, नरेंद्र ध्रुव, मनीष ध्रुव, डिगेश्वर साहू, बोधन यदु, घनश्याम साहू, दुरुब सिंह, रवि, विजय, तुलसी, कृष्ण, रविन्द्र एवं हेमलता सहित जिला सरपंच संघ के पदाधिकारी और सरपंच उपस्थित रहे।

 

अब निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। पंचायतों की लंबित राशि जारी कर समस्याओं का समाधान किया जाता है या फिर सरपंच संघ अपने ऐलान के मुताबिक आंदोलन का रास्ता चुनता है—यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल सरपंच संघ ने अपना रुख साफ कर दिया है कि पंचायतों के हितों और ग्रामीण विकास के मुद्दों पर अब और इंतजार नहीं किया जाएगा।

 

रिपोर्ट नेहरू साहू जिला ब्यूरो गरियाबंद

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