नई अफीम नीति पॉलिसी घोषित हुवी ।

नई अफीम नीति–

किसानों के लिए बढ़ी चुनौती, अगले साल 5.9 किलो मॉर्फिन उपज पर ही मिलेगी पात्रता

*2026-27 की लाइसेंसिंग शर्तें जारी, इस साल 4.4 किलो औसत मॉर्फिन उपज वाले काश्तकार होंगे पात्र ।
नीमच। अफीम की खेती करने वाले किसानों के लिए लाइसेंस की शर्तें जारी हो गई हैं। केंद्रीय राजस्व विभाग ने फसल वर्ष 2026-27 के लिए अफीम पोस्त की खेती की सामान्य लाइसेंसिंग अधिसूचना जारी कर दी है। इस बार पात्रता के लिए पिछले वर्ष की मॉर्फिन उपज को आधार बनाया गया है, जबकि वर्ष 2027-28 में लाइसेंस की पात्रता के लिए उपज का मानक बढ़ाकर 5.9 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर करने का प्रावधान किया गया है।
बता दें कि नए प्रावधानों के अनुसार, फसल वर्ष 2025-26 में अफीम की खेती करने वाले ऐसे काश्तकार लाइसेंस के पात्र होंगे, जिन्होंने प्रति हेक्टेयर औसतन 4.4 किलोग्राम या उससे अधिक मॉर्फिन उपज दर्ज कराई थी। इसके अलावा, वर्ष 2025-26 के लिए अपील मंजूर होने वाले किसानों तथा मृतक पात्र काश्तकारों के वैध उत्तराधिकारी और नामांकित वारिस भी निर्धारित शर्तों के तहत लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे।
एक ही प्लॉट में 0.10 हेक्टेयर का लाइसेंस-
अधिसूचना के तहत पात्र किसानों को एक ही प्लॉट में 0.10 हेक्टेयर का लाइसेंस जारी किया जाएगा। निर्धारित रकबा पूरा करने के लिए किसान दूसरे की भूमि पट्टे पर ले सकेंगे। ऐसे में किसानों को लाइसेंस के साथ भूमि और उपज संबंधी शर्तों का भी ध्यान रखना होगा।
अगले साल बढ़ेगा मॉर्फिन उपज का मानक-
उल्लेखनीय है कि फसल वर्ष 2027-28 में लाइसेंस की पात्रता के लिए किसानों को वर्ष 2026-27 में प्रति हेक्टेयर न्यूनतम 5.9 किलोग्राम मॉर्फिन उपज हासिल करनी होगी। यानी मौजूदा पात्रता के 4.4 किलोग्राम के मुकाबले अगले वर्ष का निर्धारित मानक 1.5 किलोग्राम अधिक होगा। लगातार पूरी फसल की जुताई करने वाले काश्तकारों के लिए भी आगामी वर्षों की नीति में विशेष प्रावधान और प्रतिबंध तय किए गए हैं।
लाइसेंस की पात्रता सूची और आवेदन संबंधी जानकारी केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की आधिकारिक वेबसाइट cbn.gov.in और ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध होगी। किसानों को निर्धारित समय-सीमा में आवेदन करते हुए अधिसूचना में दी गई शर्तों का पालन करना होगा।जिला ब्यूरो ललित सिंह चुंडावत नीमच

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