डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया

जनसुनवाई में नागरिकों की शिकायत, भाजपा मंडल अध्यक्ष व जनप्रतिनिधियों पर नियमों की अनदेखी का आरोप, वैधानिक कार्रवाई की मांग

बिना अनुमति तीन मंजिला मकान और सरकारी जमीन पर दुकान निर्माण का मामला गरमाया

डिंडोरी/शहपुरा, 24 मार्च 2026
शहपुरा नगर परिषद में कथित अवैध निर्माण और नियमों की अनदेखी को लेकर मंगलवार को जनसुनवाई में गंभीर शिकायत सामने आई। नगर के कुछ नागरिकों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को आवेदन देकर आरोप लगाया कि नगर परिषद क्षेत्र में कई जनप्रतिनिधि बिना अनुमति निर्माण कार्य कर नियम-कायदों को खुलेआम दरकिनार कर रहे हैं। शिकायत में इन निर्माण कार्यों पर तत्काल रोक लगाते हुए वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है।

आवेदन में आरोप लगाया गया है कि नगर परिषद में अनुशासनहीनता का माहौल बन गया है और कुछ जनप्रतिनिधि सत्ता के प्रभाव में नियमों की अनदेखी कर निर्माण कार्य करा रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियों से नगर परिषद को आर्थिक नुकसान हो रहा है और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वार्ड क्रमांक-05 में भाजपा मंडल अध्यक्ष एवं पार्षद भजन दास चक्रवर्ती द्वारा नगर परिषद से अनुमति लिए बिना तीन मंजिला मकान का निर्माण कराया गया है। इसी प्रकार वार्ड क्रमांक-06 में भी एक पार्षद पति द्वारा बिना स्वीकृति निर्माण कार्य किए जाने का मामला सामने आया है।

इतना ही नहीं, आवेदन में वार्ड क्रमांक-02 में एक पार्षद पति द्वारा शासकीय भूमि पर नियमों को दरकिनार कर आलीशान दुकान निर्माण कराने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि कोई गरीब व्यक्ति छोटी सी झोपड़ी या टपरा भी रखता है तो प्रशासन तत्काल कार्रवाई कर उसे हटा देता है, जबकि प्रभावशाली लोगों के अवैध निर्माण पर कार्रवाई नहीं हो रही।

नागरिकों ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि नगर परिषद में पूर्व में भी अध्यक्ष पति के कार्यालयीन कार्यों में हस्तक्षेप और कथित भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर शिकायतें की जा चुकी हैं। इस मामले में कूटरचित दस्तावेज के आधार पर उच्च न्यायालय में पेशी से जुड़ा एक प्रकरण भी दर्ज होने की बात कही गई है।

शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 187 व 223 तथा भू-राजस्व संहिता की धारा 248 और नगरपालिका अधिनियम की धारा 41-A के तहत अवैध निर्माण करने वाले जनप्रतिनिधियों के खिलाफ निष्पक्ष और वैधानिक कार्रवाई की जाए।

नागरिकों ने प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर पूरे मामले की जांच कर नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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