गरियाबंद। नगर की सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्रीय चेतना और गौरवशाली इतिहास को नई पहचान देने की दिशा में भारतीय जनता पार्टी, छत्तीसगढ़ शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक प्रो. (डॉ.) संजीव कर्मकार ‘वशिष्ठ’ के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने गरियाबंद नगर के प्रमुख चौकों एवं सार्वजनिक स्थलों का अवलोकन कर नगर पालिका परिषद की मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती संध्या वर्मा को जनभावनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रस्ताव सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में जिला संयोजक मुन्नालाल देवदास, सह-संयोजक अशोक मिश्रा, केसर कुमार निर्मलकर, राजेन्द्र सिंह परिहार, श्रीमती गीता पटेल तथा हेमकुमार शामिल रहे।
सौंपे गए प्रस्ताव में नगर के सिविल लाइन चौक (स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सामने) का नाम “डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौक” तथा बाजार चौक का नाम “पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौक” रखने का आग्रह किया गया। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि नगर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों को राष्ट्रनिर्माताओं के नाम से जोड़ना केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति सम्मान, प्रेरणा और सांस्कृतिक चेतना को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त प्रयास होगा।
इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) संजीव कर्मकार ‘वशिष्ठ’ ने कहा कि महापुरुष किसी दल या विचारधारा की सीमा में नहीं बंधते, बल्कि वे पूरे राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होते हैं। उनके आदर्श, त्याग और दूरदर्शी चिंतन आज भी समाज और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। यदि नगर के चौक उनके नाम से सुशोभित होंगे तो आने वाली पीढ़ियाँ भी उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व से परिचित होकर राष्ट्रसेवा और सामाजिक दायित्व के प्रति प्रेरित होंगी।
उन्होंने कहा कि गरियाबंद जैसे उभरते जिले की पहचान केवल विकास कार्यों से ही नहीं, बल्कि उसकी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और राष्ट्रीय चेतना से भी होती है। इसलिए ऐसे नामकरण नगर के गौरव को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास व्यक्त किया कि नगर पालिका परिषद जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस जनहितैषी एवं राष्ट्रहित से जुड़े प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेकर गरियाबंद को एक नई वैचारिक और सांस्कृतिक पहचान प्रदान करेगी।
रिपोर्ट : नेहरू साहू जिला ब्यूरो, पुलिस वाला न्यूज, गरियाबंद







