कांकेर

तकनीक आधारित पुलिसिंग और केस प्रॉपर्टी के पारदर्शी प्रबंधन की दिशा में उत्तर बस्तर कांकेर पुलिस ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ शासन के माननीय उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने थाना सिटी कोतवाली कांकेर में ‘ई-मालखाना’ सॉफ्टवेयर का विधिवत शुभारंभ किया। पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा के नेतृत्व में विकसित की गई यह आधुनिक डिजिटल प्रणाली थानों में जब्त संपत्तियों के वैज्ञानिक और सुरक्षित रख-रखाव को सुनिश्चित करेगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कांकेर पुलिस के बेड़े में शामिल नवीन बस और 03 स्कॉर्पियो वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया।

​वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय सांसद श्री भोजराज नाग ने की। समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम, हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी तथा नगर पालिका परिषद कांकेर के अध्यक्ष श्री अरुण कौशिक उपस्थित रहे। इसके अलावा पुलिस विभाग की ओर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आकाश श्रीश्रीमाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार साहू और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री दिनेश कुमार सिन्हा सहित जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं पुलिस कर्मचारी इस दौरान मौजूद रहे।

​QR कोड और डिजिटल ट्रैकिंग से लैस है नई प्रणाली

यह ई-मालखाना प्रणाली पूरी तरह से डिजिटल और सुरक्षित है, जिसमें प्रत्येक जब्त वस्तु (जैसे वाहन, मोबाइल, नकदी, हथियार, आभूषण और एनडीपीएस सामग्री) को एक यूनिक QR कोड और डिजिटल पहचान दी जाती है। इस तकनीक के माध्यम से केस नंबर, अपराध की धाराएं और वस्तु की फोटो स्टोरेज लोकेशन के साथ पोर्टल पर दर्ज रहेगी। ‘चैन ऑफ कस्टडी’ के जरिए यह भी ट्रैक किया जा सकेगा कि किस अधिकारी ने कब वस्तु जमा की या निकाली। इससे न केवल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा, बल्कि न्यायालयीन प्रक्रिया के दौरान भी किसी भी सामग्री को ढूंढना बेहद आसान हो जाएगा।

​चरणबद्ध तरीके से अन्य थानों में भी लागू होगी व्यवस्था

समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने ई-मालखाना के कुशल संचालन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा ने बताया कि यह डिजिटल प्रबंधन व्यवस्था रिकॉर्ड संधारण में पूर्ण पारदर्शिता लाएगी और मानवीय त्रुटियों की संभावना को खत्म करेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में सिटी कोतवाली से शुरू हुई इस अभिनव पहल को भविष्य में जिले के अन्य सभी दूरस्थ थानों में भी चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा।

रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव 

ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़

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