पुल के अभाव ने बढ़ाई मुश्किलें, स्वास्थ्य कर्मियों की सूझबूझ से मां और नवजात सुरक्षित
गरियाबंद। लगातार हो रही बारिश के बीच ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच की गंभीर चुनौती एक बार फिर सामने आई। जिला मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर दूर ग्राम भेजराडीही की एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान जिला अस्पताल ले जाते समय उफनते नाले ने रास्ते में रोक दिया। हालात ऐसे बने कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला ने इक्को वाहन में एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया।
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह तेज प्रसव पीड़ा होने पर महिला को घुटकुनवापरा उप स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। जांच के दौरान प्रसव को जोखिमपूर्ण मानते हुए स्वास्थ्य कर्मचारियों ने तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया। परिजन महिला को इक्को वाहन से जिला अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन घुटकुनवापरा के समीप स्थित नाला लगातार बारिश के कारण उफान पर था। जलस्तर बढ़ने से वाहन आगे नहीं बढ़ सका और महिला को स्ट्रेचर से नाला पार कराने की तैयारी की जा रही थी।
इसी दौरान प्रसव पीड़ा असहनीय हो गई और महिला ने वाहन के भीतर ही शिशु को जन्म दे दिया। मौके पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों, मितानिनों और ग्रामीणों ने तत्काल प्रसव कराते हुए मां और नवजात को सुरक्षित संभाला। इसके बाद दोनों को वापस घुटकुनवापरा उप स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां आवश्यक उपचार एवं स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
ग्रामीणों का फूटा आक्रोश
घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों पर गंभीर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि आजादी के दशकों बाद भी इस नाले पर पुल-पुलिया का निर्माण नहीं हो सका, जबकि कई बार प्रशासन, जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित विभागों को लिखित आवेदन और मांग पत्र सौंपे जा चुके हैं। इसके बावजूद आज तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि हर बारिश में यह नाला जानलेवा बन जाता है। मरीजों, गर्भवती महिलाओं, स्कूली बच्चों और आम नागरिकों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पुल का निर्माण हो गया होता, तो गर्भवती महिला को रास्ते में इस तरह की कठिन परिस्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं की कमी और बारिश के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच की बदहाल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि स्वास्थ्य कर्मियों, मितानिनों और ग्रामीणों की तत्परता ने संभावित बड़े हादसे को टालते हुए मां और नवजात दोनों की जान सुरक्षित बचा ली।
रिपोर्ट नेहरू साहू जिला ब्यूरो पुलिस वाला न्यूज गरियाबंद








