
रायपुर
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की एण्टी क्राइम एण्ड साइबर यूनिट (ACCU) और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने खुदाई में मिला पुराना सोना बताकर नकली आभूषण बेचने वाले एक संगठित अंतर्राज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना सहित दो महिला आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के खिलाफ रायपुर के न्यू राजेन्द्र नगर, तेलीबांधा और डी.डी. नगर थाने में धोखाधड़ी के मामले दर्ज थे, जिनमें पीड़ितों से कुल 22.50 लाख रुपये की ठगी की गई थी।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य आरोपी शंभू राय घूम-घूमकर राशि पत्थर बेचने का काम करता था और आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को अपना शिकार बनाता था। आरोपी खुद को दिहाड़ी मजदूर बताकर यह कहानी गढ़ते थे कि उन्हें खुदाई के दौरान पुराने सोने के आभूषण मिले हैं।
पीड़ितों का विश्वास जीतने के लिए वे असली सोने का एक छोटा टुकड़ा (सैंपल) जांच के लिए देते थे। ज्वेलर्स से सैंपल असली साबित होने पर पीड़ित उनके झांसे में आ जाते थे। इसके बाद आरोपी बहन की शादी या मजबूरी का हवाला देकर कम कीमत में सौदा तय करते थे और असली सोने के बदले दिल्ली के करोल बाग से लाए गए पीतल के भारी हार थमाकर फरार हो जाते थे।
मुंबई से हुई गिरफ्तारी और सामान जप्त
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला, पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) रॉबिन्सन गुरिया और पुलिस उपायुक्त (मध्य) तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में विशेष टीम का गठन किया गया था। तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस टीम ने मुंबई में दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा।
गिरफ्तार आरोपी:
शंभू राय (36 वर्ष), निवासी कानपुर नगर (उ.प्र.) – मुख्य आरोपी
गीता गुजराती (40 वर्ष), निवासी कानपुर नगर (उ.प्र.)
शांति गुजराती (35 वर्ष), निवासी कानपुर नगर (उ.प्र.)
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9 लाख रुपये नगद, 12 नग चांदी के सिक्के, पीतल के विभिन्न आभूषण, 4 मोबाइल फोन (कुल जुमला कीमत लगभग 12 लाख रुपये) और मुख्य आरोपी के पास से 4 फर्जी पहचान पत्र जप्त किए हैं।
देशभर में फैला है नेटवर्क
पूछताछ में आरोपियों ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में एक दर्जन से अधिक ठगी की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह देशभर में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी कर चुका है। फिलहाल अन्य राज्यों की पुलिस से समन्वय स्थापित कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
रिपोर्ट:मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ,पुलिसवाला न्यूज़







