रायपुर
रायपुर में नए युग की शुरुआत: 23 जनवरी से लागू होगी पुलिस कमिश्नरी प्रणाली, SSP की जगह अब ‘कमिश्नर’ होंगे बॉस
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए साय सरकार ने एक बड़ा ऐतिहासिक निर्णय लिया है। साल 2025 की अंतिम कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में ‘रायपुर पुलिस कमिश्नरेट’ के गठन को हरी झंडी दे दी गई है। यह नई व्यवस्था 23 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी।
प्रमुख निर्णय और प्रशासनिक बदलाव
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि अब रायपुर की सुरक्षा कमान एसएसपी (SSP) के बजाय पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) के हाथों में होगी। इस बदलाव की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
मजिस्ट्रियल पावर: पुलिस आयुक्त के पास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मजिस्ट्रियल शक्तियां (दंडाधिकारी अधिकार) भी होंगी।
OSD की नियुक्ति: सुचारू रूप से इस प्रणाली को लागू करने के लिए पुलिस मुख्यालय में ‘विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी’ (OSD) का एक नया पद सृजित किया गया है।
हाइब्रिड मॉडल: रायपुर का कमिश्नरी मॉडल मुख्य रूप से भुवनेश्वर मॉडल (60%) पर आधारित होगा, जबकि शेष 40% प्रावधान दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जैसे महानगरों के सफल नियमों से लिए गए हैं।
कौन बनेगा रायपुर का पहला पुलिस कमिश्नर?
राजधानी के पहले पुलिस कप्तान की रेस में आईजी (IG) स्तर के कई दिग्गज अधिकारियों के नाम चर्चा में हैं। इनमें अजय यादव, अमरेश मिश्रा, बद्रीनारायण मीणा और संजीव शुक्ला जैसे अनुभवी आईपीएस अधिकारियों के नाम प्रमुखता से उभरे हैं। हालांकि, अंतिम नाम पर मुहर लगना अभी शेष है।
नया पदक्रम (Hierarchy): एक नज़र में
कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद रायपुर पुलिस का ढांचा अब इस प्रकार होगा:
पद (हिन्दी) संक्षिप्त नाम (Abbreviation)
पुलिस कमिश्नर CP
संयुक्त आयुक्त Jt. CP
अपर आयुक्त Addl. CP
डिप्टी कमिश्नर DCP
एडिशनल डिप्टी कमिश्नर Addl. DCP
सहायक आयुक्त ACP
पुलिस इंस्पेक्टर PI
सब-इंस्पेक्टर – एस.आई. (SI)
पुलिस दल।
इस प्रणाली के लागू होने से न केवल अपराध नियंत्रण में तेजी आएगी, बल्कि धरना-प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था से जुड़ी अनुमतियों के लिए अब पुलिस को जिला प्रशासन पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
रिपोर्ट :मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़

