मुहनिया नीम पंचायत में फर्जी बिलों का खेल उजागर, मां कृपा ट्रेडर्स संदेह के घेरे में
कटनी | कटनी जिले की बहोरीबंद जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत मुहनिया नीम में भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े का मामला उजागर हुआ है।पंचायत में जारी किए जा रहे बिलों में बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आई है, जिसमें मां कृपा ट्रेडर्स बहोरीबंद की सीधी भागीदारी बताई जा रही है।पंचायत स्तर पर जारी बिलों में अलग–अलग दरों पर एक ही सामग्री का भुगतान दिखाया गया है, जिससे पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
दो बिल – दो दरें, आखिर कौन-सा सही?
सूत्रों के अनुसार जून 2025 में मां कृपा ट्रेडर्स द्वारा जारी बिल में सीमेंट का दाम 280 रुपये प्रति बैग दिखाया गया था। वहीं दूसरे ही बिल में सीमेंट का मूल्य 350 रुपये प्रति बैग दर्ज किया गया।दोनों बिलों में किसी भी प्रकार की स्पष्टता नहीं है कि सही बिल कौन-सा है, जिससे पूरे वित्तीय लेनदेन पर संदेह गहरा गया है।
कार्यक्रम के नाम पर फर्जी खर्च?
जानकारी के अनुसार 18 सितंबर 2025 को आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री कार्यक्रम में ग्रामीणों को बसों द्वारा ले जाने के लिए भारी खर्च बताया गया है। वहीं 18 अक्टूबर 2025 को हुए मुख्यमंत्री कार्यक्रम में ग्रामीणों को नाश्ता कराने का खर्च भी बिलों में जोड़ दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकांश खर्च केवल कागजों पर दर्ज किए गए हैं, जबकि वास्तविकता में इतने बड़े पैमाने पर कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दी।
जीएसटी क्लेम भी नहीं किया गया
मां कृपा ट्रेडर्स द्वारा जारी किए गए बिलों में अब तक किसी भी प्रकार का जीएसटी क्लेम नहीं किया गया है। नियम के अनुसार जीएसटी क्लेम किए बिना बिलिंग प्रक्रिया पूर्ण नहीं मानी जाती। इसके बावजूद पंचायत सचिव और सरपंच द्वारा बिना हस्ताक्षर के बिल पास किए जाते रहे हैं। यह भी आरोप है कि कई विभागीय कार्यों में फर्जी बिल लगाकर भुगतान कराया गया। सचिव और सरपंच की मिलीभगत का आरोप भी ग्रामीणों द्वारा लगाया जा रहा है।
बिना हस्ताक्षर बिल पास, जिम्मेदारों की भूमिका संदिग्ध
स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत में सचिव–सरपंच द्वारा बिना हस्ताक्षर वाले बिल पास किए गए, जो कि पूर्णत: अवैध है। नियमों और कानूनों को किनारे रखकर किए गए इन कार्यों में उच्च स्तरीय मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। कई बिलों पर अधिकारियों की आधिकारिक सहमति भी संदेह के घेरे में है।

