- Share
- इंदौर में पुलिस अधिकारियों के लिए किया गया, दक्षता उन्नयन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन।&url=https://policewala.org.in/?p=17171" rel="nofollow">Tweet
- Pin
- Share
- इंदौर में पुलिस अधिकारियों के लिए किया गया, दक्षता उन्नयन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन। https://policewala.org.in/?p=17171" target="_blank" rel="nofollow">
इंदौर मध्य प्रदेश
पुलिस अधिकारियों ने जाना, वाहन दुर्घटनाओं के अपराधों की बेहतर विवेचना एवं उनमें फोरेंसिक साक्ष्यों का महत्व।
इन्दौर – अपराधों में त्वरित कार्यवाही व इनमें वैज्ञानिक साक्ष्यों का उपयोग कर, विवेचना को और बेहतर व गुणात्मक तरीके से कर, अपराधियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर मकरंद देऊस्कर एवं अतिरिक्त पुलिस आयुक्त इंदौर मनीष कपूरिया के मार्गदर्शन एवं पुलिस उपायुक्त ज़ोन-4 आर.के. सिंह के दिशा निर्देशन में कल दिनांक 11.06.22 को सराफा विद्या निकेतन स्कूल के परिसर में नगरीय पुलिस ज़ोन-4 के विवेचना अधिकारियों की दक्षता उन्नयन हेतु एक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
उक्त प्रशिक्षण कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-4 इंदौर श्री अभिनय विश्वकर्मा की विशेष उपस्थिति में, सहायक पुलिस आयुक्त सराफा एस.के.एस. तोमर, सहायक पुलिस आयुक्त अन्नपूर्णा बी.पी.एस. परिहार एवं सीन ऑफ क्राइम यूनिट इन्दौर के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी बी. एल. मंडलोई द्वारा इंदौर पुलिस जोन-4 के विभिन्न स्थानों के प्रधान आरक्षक से निरीक्षक स्तर तक के विवेचना अधिकारियों को विभिन्न दुर्घटनाओं के अपराधों में बेहतर विवेचना करने तथा उनमें फोरेंसिक साक्ष्यों के महत्व एवं अनुसंधान में इनका उपयोग किस प्रकार किया जाए इसके संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
उक्त प्रशिक्षण कार्यशाला में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियो एवं वैज्ञानिक अधिकारी द्वारा उपस्थित सभी विवेचना अधिकारियों को वाहन दुर्घटना के घटना स्थल निरीक्षण एवं विवेचना में पूर्ण संवेदनशीलता के साथ कार्यवाही करने के साथ ही उन्हें बताया कि, अपराधों में हर स्तर पर बारीकी से जांच होनी चाहिए, क्योंकि इन अपराधों की विवेचना में फोरेंसिक साक्ष्य अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है अतः इन्हें सहेजने व अपराधों की विवेचना में इनका प्रयोग करने में पूर्ण सावधानी बरतनी चाहिए तथा जांच के दौरान सभी वैज्ञानिक पहलुओं का विशेष ध्यान रखना चाहिये।
इस दौरान घटनास्थल का डमी सीन बनाया जाकर एफएसएल अधिकारी बीएल मंडलोई ने सभी को व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया।
– प्रशिक्षण के दौरान घटना स्थल की बारीकी से निरीक्षण के विषय में चर्चा की गई।
– सभी विवेचको को घटना स्थल निरीक्षण उपरांत कुछ सवालों के जवाब भरवाकर उनको साक्ष्य के महत्व समझाए गए।
– गंभीर घटना के स्थल में ध्यान रखने वाले बिंदुओं के विषय में बताया गया।
– भौतिक साक्ष्य एकत्रित करने एवं आरोपी को ट्रेस करने के तरीके भी समझाए गए और उन्हें अपराधों की जांच में साक्ष्यों का संकलन, घटना स्थल के निरीक्षण के समय ध्यान रखने वाली बारीकियों के बारे में भी बताया। रिपोर्ट अनिल भंडारी

Leave a comment