रायपुर। शहर के स्ट्रीट वेंडरों (पथ विक्रेताओं) की आजीविका पर आ रहे संकट और नगर निगम की हालिया कार्रवाई के विरोध में आज वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता गौतम बंधोपाध्याय, पूर्व मंत्री व विधायक श्री वीरेंद्र पाण्डेय जी एवं युवा नेता अविनाश साहू के साथ स्ट्रीट वेंडर पहुंचे रायपुर नगर निगम मुख्यालय । इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर नगर निगम के महापौर से मुलाकात कर वेंडरों की समस्याओं को लेकर एक मांग पत्र सौंपा।
नगर निगम द्वारा लगातार की जा रही जब्ती की कार्रवाई से गरीब स्ट्रीट वेंडरों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था के वेंडरों को उनकी जगहों से हटाना और उनका सामान जब्त करना पूरी तरह से अमानवीय और कानून के खिलाफ है।
मुलाकात के दौरान महापौर के समक्ष मुख्य रूप से दो प्रमुख मांगें रखी गईं:
- सुरक्षित स्थान (वेंडिंग जोन) की उपलब्धता: शहर के सभी पंजीकृत और पारंपरिक स्ट्रीट वेंडरों को सम्मानपूर्वक व्यवसाय करने के लिए तत्काल उचित और स्थाई जगह उपलब्ध कराई जाए।
- जब्त सामग्री की तत्काल वापसी: नगर निगम के उड़नदस्ते द्वारा हाल के दिनों में जब्त की गई वेंडरों की सभी सामग्रियां, ठेले और तराजू-बाट बिना किसी जुर्माने के तत्काल वापस किए जाएं।
पूर्व मंत्री श्री वीरेंद्र पाण्डेय ने कहा, “स्ट्रीट वेंडर कानून के तहत इन गरीबों को संरक्षण मिलना चाहिए, न कि प्रताड़ना। जब तक इन्हें व्यवस्थित जगह नहीं दी जाती, तब तक इन्हें हटाने की कार्रवाई तुरंत रोकी जाए।”
वहीं, गौतम बंधोपाध्याय ने जोर देते हुए कहा कि शहर का विकास गरीबों को उजाड़कर नहीं, बल्कि उन्हें साथ लेकर होना चाहिए। अविनाश साहू ने कहा यदि नगर निगम प्रशासन ने स्ट्रीट वेंडरों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए तत्काल सामान वापस नहीं किया और वेंडिंग जोन का निर्धारण नहीं किया, तो आने वाले दिनों में वेंडर अपने परिवारों के साथ उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
महापौर ने प्रतिनिधिमंडल और स्ट्रीट वेंडरों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और इस विषय पर प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा कर जल्द से जल्द न्यायसंगत समाधान निकालने व जब्त सामानों की समीक्षा कर आवश्यक राहत देने का आश्वासन दिया है।
इस अवसर पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए रेहड़ी-पटरी व्यवसायी, ठेला चालक और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।
रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव
