सतना मध्य प्रदेश

जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न
सतना 31 अक्टूबर 2026/कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं एवं कार्यक्रमों का जिले में गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के विकासखंड स्तरीय अधिकारी आपसी समन्वय से मैदानी कार्यकर्ताओं की सेक्टर एवं विकासखंड स्तरीय संयुक्त बैठकें आयोजित कर योजनाओं की नियमित समीक्षा करें। शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कलेक्टर ने यह निर्देश दिए। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय आरख, सहायक संचालक महिला एवं बाल विकास श्यामकिशोर द्विवेदी सहित सभी सीडीपीओ, बीएमओ, बीसीएम एवं बीपीएम उपस्थित रहे।
अनमोल पोर्टल पर एएनसी (गर्भवती महिलाओं का पंजीयन) की समीक्षा में बताया गया कि 1 अप्रैल से 30 अक्टूबर तक 15715 के लक्ष्य के विरुद्ध 14440 गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया गया है जो लक्ष्य का 92 प्रतिशत है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के समन्वय से बीएमओ एवं सीडीपीओ मैदानी कर्मचारियों की सेक्टरवार बैठक लेकर स्वास्थ्य एवं पोषण कार्यक्रमों की समीक्षा करें। सीवियर एनीमिया मैनेजमेंट की समीक्षा में बताया गया कि 15320 गर्भवती माताओं की एनीमिया जांच में 360 गंभीर एनीमिया के प्रकरण चिन्हित किए गए हैं। इनमें से 309 प्रकरणों में प्रबंधन की कार्यवाही की गई है। कलेक्टर ने कहा कि चिन्हित प्रकरणों की तुलना में एनीमिया प्रबंधन की कार्यवाही अपेक्षाकृत कम होना कार्यक्रम के क्रियान्वयन में कमी को दर्शाता है। उन्होंने स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग को एनीमिया के मामलों की संयुक्त समीक्षा कर प्रभावी कार्ययोजना के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि मातृ-मृत्यु दर एवं कुपोषण में कमी लाई जा सके। कलेक्टर ने इस अवधि में हुई मातृ-मृत्यु के प्रकरणों का डेथ ऑडिट भी किया। उन्होंने मृत्यु के संभावित कारणों एवं परिस्थितियों की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों से सुधारात्मक उपायों के संबंध में चर्चा की। इसके साथ ही आयुष्मान योजना, निक्षय शिविर एवं दस्तक अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की।
पोषण कार्यक्रमों की समीक्षा में बताया गया कि जिले के कुल 2054 आंगनवाड़ी केन्द्रों में से 12 केन्द्र 11 से 20 दिनों के बीच संचालित पाए गए हैं, जबकि शेष 2042 केन्द्र माह में 24 दिन संचालित हो रहे हैं। कलेक्टर ने सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में टीएचआर एवं मल्टीविटामिन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आरबीएसके की टीमों को नियमित रूप से बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करने तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान कर आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

प्रशांत त्रिपाठी सतना ब्यूरो

Leave A Reply

Exit mobile version