साइबर अपराधियों के ‘ख़ौफ़’ पर प्रहार: SSP शशि मोहन सिंह की फिल्म “ख़ौफ़- द डिजिटल वॉर” का आज भव्य विमोचन

 

​आधुनिक युग में तकनीक जितनी सुविधाजनक है, उतनी ही खतरनाक भी साबित हो रही है। डिजिटल दुनिया के इसी काले सच और साइबर अपराधों के प्रति जनता को जागरूक करने के लिए रायगढ़ एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने एक अनूठी पहल की है। उनके द्वारा लिखित, निर्देशित और अभिनीत बहुप्रतीक्षित शॉर्ट फिल्म “ख़ौफ़ – द डिजिटल वॉर” का आज, 4 अप्रैल को जशपुर के विशिष्ट कम्युनिटी हॉल में रात्रि 8:00 बजे भव्य विमोचन किया जाएगा।

​इस विशेष गरिमामयी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय उपस्थित रहेंगी।

 

​अभिनय के जरिए जागरूकता: SSP की बहुआयामी भूमिका

 

​इस फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता रायगढ़ एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह की बहुमुखी प्रतिभा है। उन्होंने न केवल इस फिल्म की कहानी लिखी और इसका निर्देशन किया है, बल्कि वे मुख्य अभिनेता के तौर पर भी नजर आएंगे। फिल्म में श्री सिंह एक पीड़ित स्कूल टीचर की संवेदनशील भूमिका निभा रहे हैं, जो साइबर ठगों के बुने हुए जाल में फंस जाता है। एक पुलिस अधिकारी के रूप में अपराधियों से लड़ने वाले शशि मोहन सिंह ने इस फिल्म में एक आम आदमी की बेबसी और फिर उससे उबरने के संघर्ष को जीवंत किया है। उनका यह किरदार दर्शकों को यह समझाने में मदद करेगा कि साइबर अपराधी किस तरह मानसिक दबाव बनाकर पढ़े-लिखे लोगों को भी अपना शिकार बना लेते हैं।

 

​फिल्म की पृष्ठभूमि और निर्माण

 

​’टेक 3 स्टूडियो’ द्वारा निर्मित इस फिल्म में डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी और स्क्रीन शेयरिंग ऐप के खतरों को बारीकी से दिखाया गया है। फिल्म में यह भी दर्शाया गया है कि कैसे अपराधी स्वयं को सीबीआई, पुलिस या आरबीआई का अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं। फिल्म को वास्तविकता के धरातल पर उतारने के लिए इसमें छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली, साइबर सेल की टीम और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को भी शामिल किया गया है। स्थानीय प्रतिभाओं को बढ़ावा देते हुए इस प्रोजेक्ट में रायपुर, दुर्ग, कोरबा और जशपुर के कई चर्चित चेहरों ने अभिनय किया है।

 

​फिल्म का मुख्य संदेश: “जागरूकता ही सुरक्षा है”

 

​इस फिल्म के माध्यम से समाज को एक सशक्त संदेश देने का प्रयास किया गया है। फिल्म यह स्पष्ट करती है कि डिजिटल दुनिया में आपकी सतर्कता ही आपका सबसे बड़ा हथियार है। फिल्म का मूल मंत्र है कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, अपरिचित व्यक्ति के साथ ओटीपी (OTP) साझा न करें और किसी के डराने पर जल्दबाजी में कोई वित्तीय निर्णय न लें। एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का कहना है कि पुलिस कानूनी कार्रवाई तो कर ही रही है, लेकिन यदि नागरिक जागरूक हो जाएं, तो इन अपराधों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सकती है।

​यह फिल्म न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि डिजिटल युग में सुरक्षित रहने की एक अनिवार्य ‘गाइड’ भी है।

रिपोर्ट :मयंक श्रीवास्तव 

ब्यूरो चीफ,पुलिसवाला न्यूज़

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