गरियाबंद। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को किताबों से निकालकर प्रयोग और अनुभव के जरिए समझाने की अभिनव पहल के तहत शासकीय राम विशाल पांडे उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (सेजेस) राजिम में ‘साइंस ऑन व्हील्स’ कार्यशाला का आयोजन किया गया। कक्षा 6वीं से 10वीं तक के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर विज्ञान और तकनीक के विभिन्न पहलुओं को करीब से समझा।

भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की इकाई NCSTC की पहल पर Plaksha University, IIT मंडी एवं ISRO पंजीकृत स्पेस ट्यूटर संस्था IDYM Foundation के सहयोग से संचालित इस राष्ट्रीय परियोजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करना है।

छह घंटे की कार्यशाला में प्रयोगों से सीखा विज्ञान

IDYM Foundation के जिला कोऑर्डिनेटर प्रेमप्रकाश के मार्गदर्शन में टीम सदस्यों राजेश राजपूत, आशुतोष शुक्ला, अरूण गोयल एवं उत्तम चौहान ने विद्यार्थियों को स्पेस टेक्नोलॉजी, उपग्रहों की कार्यप्रणाली, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सस्टेनेबिलिटी एवं जल संरक्षण जैसे विषयों की जानकारी दी।

लाइव डेमो, प्रयोगों और इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह जाना कि अंतरिक्ष तकनीक हमारे दैनिक जीवन को कैसे प्रभावित करती है, रोबोटिक्स का वास्तविक उपयोग कहां और कैसे हो रहा है तथा AI भविष्य की दुनिया को किस तरह बदल रहा है। जल संरक्षण एवं पर्यावरण-अनुकूल जल शोधन के व्यावहारिक मॉडल भी विद्यार्थियों के लिए खास आकर्षण रहे।

जिले के 19 विद्यालयों तक पहुंचेगा विज्ञान का यह पहिया

शिक्षा विभाग के DEO राजेश चंद्राकर के मार्गदर्शन तथा गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के दिशा-निर्देशन में जिले के 19 विद्यालयों में इस तरह की कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कुल 150 विद्यालयों को इस परियोजना से जोड़ा गया है।

कार्यशाला में व्याख्याता समीक्षा गायकवाड़, प्रणीति चंद्राकर, साक्षी जपे एवं जितेन्द्र साहू का विशेष सहयोग रहा।

विद्यालय के प्राचार्य बी.एल. ध्रुव ने कहा कि ‘साइंस ऑन व्हील्स’ जैसी पहल विद्यार्थियों को रटने से आगे बढ़ाकर विज्ञान को समझने, सवाल पूछने और प्रयोग करने का अवसर देती है। उन्होंने पूरी टीम को बधाई दी।

कार्यशाला ने विद्यार्थियों के भीतर विज्ञान के प्रति जिज्ञासा को नई उड़ान दी और यह संदेश दिया कि प्रयोगशाला केवल चार दीवारों तक सीमित नहीं—बल्कि जिज्ञासा जहां है, वहीं से विज्ञान की शुरुआत होती है।

रिपोर्ट नेहरू साहू जिला ब्यूरो पुलिस वाला न्यूज गरियाबंद

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