घंसौर में वनाधिकार प्रशिक्षण कार्यशाला

जनपद पंचायत घंसौर के सभागार में विगत दिवस वनाधिकार उपखंड स्तरीय समिति के तत्वावधान में वनाधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बिसन सिंह ने की। कार्यक्रम का उद्देश्य वनाधिकार कानून से जुड़े प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देकर संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना तथा पात्र हितग्राहियों को समय बद्ध एवं पारदर्शी तरीके से लाभ दिलाना रहा।
कार्यशाला में सहायक आयुक्त लाल जी राम मीणा के निर्देशानुसार सिवनी जिला से आए तीन मास्टर ट्रेनरों ने पंचायत,राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को वनाधिकार अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों,दावा प्रक्रिया,आवश्यक दस्तावेजों, सत्यापन,ग्राम सभा की भूमिका तथा व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वनाधिकार से संबंधित विषयों पर विस्तार पूर्वक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से कानून के प्रावधानों को समझाया गया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बिसन सिंह नें कहा कि वनाधिकार अधिनियम का उद्देश्य पात्र वनवासियों और अनुसूचित जन जाति परिवारों को उनके वैधानिक अधिकार उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पात्र हितग्राहियों के प्रकरणों का निष्पक्ष,पारदर्शी और समय बद्ध निराकरण सुनिश्चित करें।
कार्यशाला में तहसीलदार अरुण भूषण दुबे,विकासखंड अधिकारी एवं समिति सचिव मनीष मिश्रा,एसडीओ फॉरेस्ट सहित पंचायत राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान वनाधिकार दावों के परीक्षण,अभिलेखों के संधारण,ग्राम सभाओं की भूमिका तथा विभागीय समन्वय को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया गया।
प्रशिक्षकों ने बताया कि वनाधिकार अधिनियम का सही क्रियान्वयन तभी संभव है जब संबंधित विभाग कानून के प्रावधानों की स्पष्ट समझ रखते हुए समन्वित रूप से कार्य करें। इसी उद्देश्य से आयोजित इस प्रशिक्षण सह कार्यशाला में अधिकारियों को नवीन दिशा-निर्देशों से अवगत कराया गया तथा क्षेत्रीय स्तर पर आने वाली व्यवहारिक चुनौतियों के समाधान पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे वनाधिकार संबंधी प्रकरणों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण में सहायता मिलेगी। कार्यशाला के माध्यम से शासन की मंशा के अनुरूप वनाधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

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