भोपाल में योग, नारी शक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम,छठवां अंतरराष्ट्रीय योगिनी अवॉर्ड समारोह भव्य रूप से सम्पन्न
भोपाल – राजधानी भोपाल में आयोजित छठवें अंतरराष्ट्रीय योगिनी अवॉर्ड समारोह ने योग, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सरोकारों का एक प्रभावशाली मंच प्रदान किया। देश के विभिन्न राज्यों एवं विदेशी धरती से आई योगिनियों, विद्वानों और विशेषज्ञों की उपस्थिति ने इस आयोजन को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की गरिमा प्रदान की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मोरारजी देसाई इंस्टीट्यूट ऑफ योग के पूर्व निदेशक डॉ. ईश्वर बसवा रेड्डी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज योग का विस्तार तो हुआ है, लेकिन इसके साथ ही इसकी मूल भावना कहीं न कहीं पीछे छूटती जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में योग की अनेक वैरायटी सामने आई हैं, जो लोकप्रिय तो हो रही हैं, परंतु हमें यह ध्यान रखना होगा कि योग का मूल स्वरूप, उसकी आत्मा और उसके आध्यात्मिक आधार को संरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। डॉ रेड्डी राजधानी भोपाल में भारतीय योगिनी महासंघ द्वारा आयोजित 6वें अंतर्राष्ट्रीय योगिनी अवॉर्ड कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
डॉ रेड्डी ने डॉ. आर. एच. लता द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल योग को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम भी बन रहा है। उन्होंने कहा कि व्यस्त समय के बावजूद वे इस कार्यक्रम में इसलिए शामिल हुए क्योंकि यह एक सार्थक पहल है। उन्होंने सुझाव दिया कि योग के क्षेत्र में कार्यरत पुरुषों को भी सम्मानित किया जाना चाहिए, क्योंकि महिलाओं की सफलता में पुरुषों का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है।
विशिष्ट अतिथि के रूप में भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय की आर्थिक सलाहकार रेणुका मिश्रा ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गोवा से सोनाली दत्त सहित देश के एक दर्जन से अधिक राज्यों से आए प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान लाइफ टाइम अचीवमेंट, योगिनी अवॉर्ड, सेवा सम्मान सहित विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। साथ ही होम स्टे क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिससे ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर कार्य कर रही महिलाओं को प्रोत्साहन मिला।
यह एक आंदोलन है, जो महिलाओं को समाज के कल्याण के लिए प्रेरित करता है : डॉ लता
इस अवसर पर भारतीय योगिनी महासंघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आर. एच. लता ने अपने विस्तृत उद्बोधन में कहा कि यह आयोजन केवल एक पुरस्कार समारोह नहीं, बल्कि एक आंदोलन है, जो महिलाओं को उनके भीतर की शक्ति को पहचानने और उसे समाज के कल्याण में लगाने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि आज की महिला केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि वह समाज, राष्ट्र और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही है।
डॉ. लता ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि यह मन, शरीर और आत्मा के संतुलन का विज्ञान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि योग को उसके मूल स्वरूप में अपनाना और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि भारतीय योगिनी महासंघ का उद्देश्य देश-विदेश की योगिनियों को एक मंच पर लाकर उनके कार्यों को पहचान देना और उन्हें प्रोत्साहित करना है। उन्होंने आगे कहा कि जब एक महिला सशक्त होती है, तो पूरा परिवार, समाज और राष्ट्र सशक्त होता है। इसलिए ऐसे आयोजनों के माध्यम से हम न केवल प्रतिभाओं को सम्मानित कर रहे हैं, बल्कि एक सकारात्मक और जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में भी कार्य कर रहे हैं। डॉ. लता ने सभी प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले समय में इस आयोजन को और अधिक व्यापक और प्रभावशाली बनाया जाएगा।
रिपोर्ट – इमरान खान, भोपाल
