डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
मेहंदवानी में दो दिवसीय प्रशिक्षण, तीन पंचायतों की महिलाओं ने सीखीं शहद उत्पादन और मधुमक्खी पालन की वैज्ञानिक तकनीकें
डिंडौरी/मेहंदवानी। ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने की दिशा में आकांक्षी विकासखंड मेहंदवानी में स्व-सहायता समूहों से जुड़ी आजीविका दीदियों को मधुमक्खी पालन का दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत बिलगड़ा, उमरिया और सुखलोड़ी की महिलाओं ने भाग लेकर मधुमक्खी पालन से लेकर शहद उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन तक की बारीकियां सीखीं।
प्रशिक्षण के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के प्रशिक्षक डॉ. मनोज कुमार पटेल ने महिलाओं को मधुमक्खी पालन की वैज्ञानिक और व्यावहारिक तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने मधुमक्खी पालन के लिए उपयुक्त स्थान के चयन, मधुमक्खी पेटी की स्थापना एवं रखरखाव, कॉलोनी प्रबंधन, मधुमक्खियों की देखभाल और शहद उत्पादन के संबंध में विस्तार से बताया।
इसके साथ ही तैयार शहद के प्रसंस्करण और विपणन के बारे में जानकारी देते हुए मधुमक्खी पालन को अतिरिक्त आमदनी के साधन के रूप में अपनाने की संभावनाएं बताई गईं।
समूह से जुड़कर आजीविका बढ़ाने पर जोर
प्रशिक्षण के समापन अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष राम प्रसाद तेकाम एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी पंकज जैन ने आजीविका दीदियों से संवाद किया। उन्होंने महिलाओं को प्रशिक्षण में मिली जानकारी को व्यवहार में उतारने और सामूहिक रूप से मधुमक्खी पालन शुरू करने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग और समूह आधारित प्रयास महिलाओं के लिए आय के नए रास्ते खोल सकते हैं। मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर अतिरिक्त एवं स्थायी आजीविका का माध्यम बनाया जा सकता है।
नीति तारा डिवाइस से दिखाई सफलता की कहानियां
कार्यक्रम में तकनीक के माध्यम से भी महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया गया। नीति तारा डिवाइस के जरिए आजीविका एवं स्वरोजगार से जुड़ी प्रेरणादायी सफलता की कहानियां और उपयोगी वीडियो दिखाए गए। लाइव डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से महिलाओं को डिवाइस के उपयोग और उससे मिलने वाली जानकारियों के बारे में भी बताया गया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को मधुमक्खी पालन का व्यावहारिक ज्ञान देने के साथ ऐसे सफल आजीविका मॉडल से परिचित कराना रहा, जिन्हें अपनाकर वे अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें।
कार्यक्रम में जिला पंचायत आजीविका मिशन से भगत सिंह आर्मो, विकासखंड प्रबंधक आजीविका मिशन राजेश कच्छवाहा, आकांक्षी विकासखंड फेलो सर्वेश गुप्ता एवं कृषि विस्तार विकास अधिकारी प्रवीण निकुम सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।







