रायपुर। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देश पर नॉर्थ जोन पुलिस ने करीब दो वर्ष पुराने महिला हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 21 अगस्त 2024 को खमतराई थाना क्षेत्र में हुई लता साहू की हत्या के मामले में पुलिस ने मृतिका के नाखूनों से सुरक्षित किए गए DNA साक्ष्य के वैज्ञानिक मिलान के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
प्रकरण की जांच अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले के मार्गदर्शन में तथा DCP Crime स्मृति राजनाला और DCP North Zone दीपमाला कश्यप की लगातार समीक्षा में आगे बढ़ाई गई। ACP उरला पूर्णिमा लामा के पर्यवेक्षण में थाना खमतराई एवं ACCU की टीम ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ते हुए जांच की।
जांच के दौरान मृतिका के नाखूनों में मिले अज्ञात व्यक्ति के Biological Traces को घटना के समय सुरक्षित कराकर DNA प्रोफाइलिंग कराई गई थी। वर्ष 2026 में संदिग्धों की पहचान होने के बाद उनके DNA samples लेकर पुराने प्रोफाइल से वैज्ञानिक मिलान कराया गया। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों का DNA मृतिका के नाखूनों से प्राप्त Biological Traces से मैच हुआ।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि घटना के दिन तीनों आरोपी लता साहू के घर पर शराब पी रहे थे। शराब को लेकर विवाद और झूमाझटकी के दौरान राजू मंडल ने लता साहू का गला दबाया, जबकि मनहरण सारंग ने उसके दोनों हाथ और राजेश पाल ने पैर पकड़ रखे थे। संघर्ष के दौरान मृतिका ने आरोपियों को नोचने का प्रयास किया, जिससे उनके Biological Traces उसके नाखूनों में आने की बात सामने आई।
पुलिस के अनुसार घटना के बाद आरोपी घर में रखी नगदी, साड़ी और बाजारू पायल लेकर फरार हो गए। नगदी आपस में बांटने तथा अन्य सामान अपने पास रखने की जानकारी भी पूछताछ में सामने आई है। मामले में संबंधित वस्तुओं और अन्य साक्ष्यों के संबंध में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने मामले में मनहरण सारंग (33), राजेश पाल उर्फ चोटी उर्फ राजू (31) और राजू मंडल उर्फ बंगाली (35) को गिरफ्तार किया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार राजू मंडल के विरुद्ध पूर्व में चोरी और हत्या सहित अपराध दर्ज हैं, जबकि मनहरण सारंग के विरुद्ध मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने और अवैध वसूली का अपराध दर्ज होना सामने आया है।
करीब दो वर्ष पुराने इस अज्ञात हत्याकांड में घटना के समय सुरक्षित किए गए वैज्ञानिक साक्ष्य को संरक्षित रखना जांच की अहम कड़ी साबित हुआ। DNA प्रोफाइलिंग, तकनीकी जांच, लगातार पूछताछ और पुराने प्रकरण की सतत समीक्षा के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।
प्रकरण के निराकरण में थाना प्रभारी खमतराई निरीक्षक जितेन्द्र जायसवाल, थाना खमतराई की टीम तथा ACCU टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं ACCU के ASI नवरंग कश्यप ने वैज्ञानिक साक्ष्यों को जोड़ने और विवेचना में विशेष योगदान दिया।
रिपोर्टर: मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़








