चाइल्ड हेल्पलाइन व पुलिस को सूचना, थाना गढ़ा पुलिस ने लिए बयान; CWC के माध्यम से शिक्षा एवं सुरक्षित आश्रय की उम्मीद
जबलपुर – मेडिकल कैंपस परिसर में बेसहारा अवस्था में रह रहे तीन नाबालिग बच्चों ने अपनी व्यथा मोक्ष संयोजक आशीष ठाकुर को बताई। बच्चों की स्थिति को देखते हुए आशीष ठाकुर ने तत्काल मानवीय पहल करते हुए उनके लिए आवश्यक वस्त्रों की व्यवस्था कराई तथा फिलहाल तीनों बच्चों के रहने की व्यवस्था मोक्ष आश्रम में की गई है।
इन बच्चों में गौरी बर्मन, पिता सुनील बर्मन, निवासी गोसलपुर; ऋषि यादव, उम्र लगभग 10 वर्ष, पिता सत्यभान यादव, निवासी सेठी नगर; तथा वैष्णवी यादव, उम्र लगभग 8 वर्ष, पिता सत्यभान यादव, निवासी सेठी नगर शामिल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गौरी की माता का निधन हो चुका है तथा उसके पिता मजदूरी करते हैं। वहीं ऋषि एवं वैष्णवी की माता कई वर्षों पूर्व उन्हें छोड़कर चली गई हैं तथा उनके पिता भी मजदूरी करते हैं। आर्थिक एवं पारिवारिक परिस्थितियों के कारण बच्चों की समुचित देखभाल एवं शिक्षा प्रभावित हो रही थी।
बच्चों की स्थिति की जानकारी चाइल्ड हेल्पलाइन एवं पुलिस को भी दी गई है। इसी क्रम में आज थाना गढ़ा पुलिस द्वारा तीनों बच्चों के संबंध में आवश्यक बयान दर्ज किए गए। बच्चों की परिस्थितियों एवं उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की प्रक्रिया संबंधित बाल संरक्षण तंत्र के माध्यम से किए जाने की संभावना है।
संभावना है कि बाल कल्याण समिति (CWC) के माध्यम से आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों बच्चों की परिस्थितियों के अनुरूप शिक्षा, सुरक्षित आश्रय, स्वास्थ्य एवं संरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
आशीष ठाकुर का कहना है कि यह केवल तीन बच्चों का मामला नहीं है। शहर में ऐसे अनेक बच्चे और बेसहारा जीवन हैं, जो विभिन्न परिस्थितियों के कारण सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों पर रहने को मजबूर हैं। उन्होंने अपील की कि बच्चों के लिए कार्य करने वाली सरकारी एवं सामाजिक संस्थाएं अपने स्तर पर ऐसे बच्चों की पहचान कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई एवं संरक्षण की व्यवस्था करें।
फिलहाल तीनों बच्चे मोक्ष आश्रम में सुरक्षित हैं और उन्हें भोजन, वस्त्र एवं रहने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बच्चों की आंखों में अब भविष्य के सपने भी दिखाई दे रहे हैं। गौरी और वैष्णवी ने डॉक्टर बनने की इच्छा जताई है, जबकि ऋषि पुलिस अधिकारी बनने का सपना देखता है।
मोक्ष संयोजक आशीष ठाकुर ने कहा कि बच्चों के सपनों को साकार करने के लिए प्रशासन एवं संबंधित बाल संरक्षण संस्थाओं का सहयोग आवश्यक है। उम्मीद है कि CWC के माध्यम से आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूरी होकर तीनों बच्चों को सुरक्षित आश्रय एवं शिक्षा का अवसर मिल सकेगा।
निवेदक –
मोक्ष आशीष ठाकुर
9300122242
रिपोर्ट – कल्याण सिंह, जबलपुर







