घटना के वक्त डौंडी लोहारा थाना प्रभारी थे निरीक्षक मुकेश सिंह, वर्तमान में गुरुर थाना प्रभारी के रूप में संभाल रहे हैं जिम्मेदारी। तकनीकी साक्ष्यों और गहन विवेचना से आरोपियों तक पहुंचने में निभाई अहम भूमिका।
बालोद। डौंडी लोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम खड़ेनाडी में बिजली करंट लगाकर की गई हत्या के मामले में न्यायालय ने मृतक की बहू गीता निर्मलकर और लेखराम निषाद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस गंभीर मामले का खुलासा करने में तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश सिंह की विवेचना, तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण और वैज्ञानिक जांच की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुकेश सिंह वर्तमान में गुरुर थाना प्रभारी के पद पर पदस्थ हैं।
प्रकरण के अनुसार, 16 जुलाई 2025 की रात मनोहर निर्मलकर की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। मृतक के चेहरे, गले और माथे पर जलने जैसे निशान देखकर ग्रामीणों ने संदेह जताया और पुलिस को सूचना दी। परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू की। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में मृत्यु का कारण विद्युत करंट का झटका सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या की आशंका के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाई।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सोते समय मृतक को बिजली करंट लगाकर उसकी हत्या की थी। वारदात को छिपाने के लिए साइकिल से गिरने के कारण चोट लगने की बात बताई गई थी। तत्कालीन थाना प्रभारी मुकेश सिंह ने मामले की गंभीरता को समझते हुए घटनास्थल का निरीक्षण, तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण और मैदानी जांच को प्राथमिकता दी। पुलिस ने विद्युत तार, रबर के दस्ताने, खून लगा गमछा और मोबाइल सहित महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए।
थाना पुलिस और साइबर सेल के समन्वित प्रयासों से घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी गईं और आरोपियों के विरुद्ध साक्ष्य जुटाए गए। प्रकरण की संपूर्ण विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश सिंह ने की, जबकि राज्य शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक घनश्याम सिंह साहू ने न्यायालय में पैरवी की।
इस मामले में मुकेश सिंह की साक्ष्य आधारित विवेचना और स्थानीय पुलिस टीम के समन्वित प्रयास उल्लेखनीय रहे। घटना के समय डौंडी लोहारा थाना प्रभारी के रूप में उन्होंने मामले की जांच की थी और वर्तमान में वे गुरुर थाना प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। न्यायालय द्वारा दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाया जाना पुलिस की विवेचना के बाद न्यायिक प्रक्रिया में आया महत्वपूर्ण परिणाम है।
रिपोर्टर: मयंक श्रीवास्तव।
ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़।
