15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा पर हुआ विचार-विमर्श
गोटेगांव। वनवासी विकास परिषद द्वारा आगामी 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जी की मूर्ति स्थापना एवं जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम को सफल, सुव्यवस्थित एवं गरिमामय बनाने के संबंध में विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में भगवान बिरसा मुंडा जी के संघर्षपूर्ण जीवन, अदम्य साहस, जनजातीय समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए किए गए उनके ऐतिहासिक योगदान तथा देश की स्वतंत्रता के लिए उनके संघर्ष और बलिदान को स्मरण किया गया। उपस्थित सदस्यों ने उनके विचारों एवं आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने तथा समाज में एकता, जागरूकता और राष्ट्रप्रेम की भावना को सशक्त बनाने पर बल दिया।
इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों ने अपने-अपने सुझाव साझा किए और आगामी आयोजन को सफल बनाने के लिए सामूहिक सहभागिता एवं सहयोग का संकल्प व्यक्त किया।
बैठक में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे: वनवासी विकास परिषद के प्रांतीय संगठन मंत्री लक्ष्मी नारायण बामने, किशोरी लाल यादव, प्रांतीय पदाधिकारी देवनाथ पटेल, प्रांतीय सचिव अशोक मर्सकोले, जनजातीय गौरव दिवस के जिला संयोजक नीरज ककोड़िया, जिला सचिव श्री मेलाराम ठाकुर, रघुनाथ ठाकुर, सरपंच ग्राम गुर्रा, श्रीमती उमा पटेल, श्रीमती स्नेहलता श्रीवास्तव, अजय कुमार सिंह, दीपक ठाकुर, मयंक शर्मा,
पूरन सिंह पटेल, श्री नरेश नामदेव, भगवत सिंह, अनुज परिहार, राघवेंद्र आर्य एवं विनय पांडे सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में सभी सदस्यों ने भगवान बिरसा मुंडा जी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए जनजातीय समाज के गौरव, अधिकारों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने की भावना व्यक्त की।
