किसान मजदूर संघ, छत्तीसगढ़ के संयोजक ललित चन्दनाहू ने छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को एक ज्ञापन प्रेषित कर आम जनता पर बढ़ाए गए बस किराये और शासकीय कर्मचारियों को दी जा रही निःशुल्क बस सेवा पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
मंत्रिपरिषद की बैठक में आम जनता के यात्री वाहनों (बस) के किराये में 40 प्रतिशत की भारी वृद्धि की गई है, जिससे सीधे तौर पर निजी बस स्वामियों को फायदा पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि वर्ष 2026 में डीजल, मोबिल, बैटरी एवं स्पेयर पार्ट्स के दामों में किसी भी प्रकार की वृद्धि नहीं हुई है, फिर भी आम जनता पर इतना बड़ा आर्थिक बोझ क्यों डाला गया?
वर्ष 2012 से मंत्रालय एवं संचालनालय, नवा रायपुर आवागमन के लिए शासकीय सेवकों के लिए निःशुल्क बस सेवा चलाई जा रही है। सितम्बर 2026 में अनुबंध समाप्त होने के बाद इसे पुनः आगे बढ़ाया जा रहा है, जिस पर प्रदेश के खजाने से प्रतिवर्ष 12 करोड़ रुपये व्यय होंगे।
न्यूनतम 50 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन पाने वाले शासकीय सेवकों को निःशुल्क बस सेवा दी जा रही है, जबकि प्रतिदिन मात्र 300 रुपये मजदूरी कमाने वाले मजदूरों, मध्यमवर्गीय नागरिकों और किसानों पर 40% बस किराया बढ़ा दिया गया है, जो कि सरासर अन्याय है।
आम नागरिकों, मजदूरों और किसानों के हित में बस किराये में की गई 40% वृद्धि को तत्काल निरस्त किया जाए।
उच्च वेतन प्राप्त कर रहे शासकीय सेवकों के लिए चलाई जा रही निःशुल्क बस सेवा को बंद किया जाए।
रिपोर्टर, मयंक श्रीवास्तव

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