विद्यालय से लैपटॉप और कैसबुक गायब जांच में हुआ खुलासा
कटनी मध्य प्रदेश
शिक्षा विभाग में बिलों का खेल लगातार पूरे प्रदेश में बवाल मचा के रखा है कहीं नाश्ता तो कहीं टेंट तो कहीं सामग्री के नाम पर फर्जी बिलों का भुगतान कराया जाता है ऐसा ही मामला कटनी जिले के ढीमरखेड़ा जनपद शिक्षा अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दशरमन में जांच में सामने आया है जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय कटनी में ग्रामीण ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दशरमन में वित्तीय अनियमितता की जांच के लिए जिला शिक्षा अधिकारी पास गुहार लगाई थी जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रभारी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अभय जैन को जांच सौंपी गई जांच अधिकारी द्वारा शिकायतकर्ता के सामने ही विद्यालय में वित्तीय अनियमितता की जांच के विभिन्न बिंदुओं के तहत जांच की गई शिकायतकर्ता द्वारा जांच में आरोप लगाया गया था कि विद्यालय में गत वर्षों मैं प्राचार्य द्वारा वित्तीय अनियमितता की गई है नियम विरुद्ध तरीके से राशि का आहरण किया गया है और अपने सगे संबंधियों के नाम पर पैसे का भुगतान किया गया है जांच अधिकारी द्वारा जब जांच किया गया तो जांच में विभिन्न प्रकार की वित्तीय अनियमितता सामने आई लाखों रुपए की राशि का हेर फेर समझ में आया
विद्यालय से कैश बुक गायब
जांच अधिकारी द्वारा जब जांच की जा रही थी तो वर्ष 2023 24 की कैश बुक विद्यालय में नहीं मिली जिसका निरीक्षण नहीं हो सका विद्यालय की सामग्री का कैश बुक जैसी सामग्री का विद्यालय में रिकॉर्ड ना होना कहीं ना कहीं वित्तीय अनियमितता को प्रदर्शित करता है क्योंकि कैसबुक विद्यालय में होनी चाहिए जो कि विद्यालय में ढूंढने पर नहीं मिली
लैपटॉप का बिल स्कूल में लैपटॉप प्राचार्य के घर में
बिलों के भुगतान में देखा गया कि बिना जेम पोर्टल का उपयोग किए हुए 50000 के ऊपर का बिल भुगतान लैपटॉप क्रय करके 53400 में खरीदा गया है लेकिन जब भौतिक रूप से जांच अधिकारी द्वारा लैपटॉप मंगाया गया तो बताया गया कि लैपटॉप घर पर रखा है जो की स्कूल की सामग्री है बिल स्कूल में लगाकर लैपटॉप घर पर रखना और विद्यालय का सामान विद्यालय में ना होना अनियमिताएं को प्रदर्शित करता है क्योंकि नियमानुसार 50000 के ऊपर की सामग्री को क्रय करने के लिए जेम पोर्टल का उपयोग किया जाता है लेकिन विद्यालय की प्रभारी प्राचार्य द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से लैपटॉप का क्रय करके बिल लगाया गया जो कि विद्यालय में भी नहीं पाया गया
वोकेशनल ट्रेनर का पैसा नियम विरुद्ध तरीके से क्रीडा के खाते में डाल अपने पति और लड़के को किया भुगतान
जांच में स्पष्ट हुआ कि विद्यालय प्रभारी प्रचार रेखा नामदेव द्वारा वोकेशनल ट्रेनर की राशि जो कि डायरेक्ट बिल के माध्यम से भुगतान की जाती है जिसमें गेस्ट लेक्चर और अन्य चीज शामिल होती है विद्यालय की प्राचार्य द्वारा मनमर्जी से नियम विरुद्ध तरीके से 56 हजार की राशि विद्यालय के खाते में डालकर कुछ राशि अपने पति भरत नामदेव बेटे सुधीर नामदेव के नाम पर गेस्ट लेक्चरर के नाम से भुगतान कर दिया गया जिसमें स्पष्ट होता है कि विद्यालय की प्राचार्य द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने सगे संबंधियों में पति और बेटे के नाम पर राशि का भुगतान किया गया और नियम विरुद्ध तरीके से वोकेशनल ट्रेनर का पैसा विद्यालय के खाते में डाला गया जो की वित्तीय अनियमितता मे एवं भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है
मार्च आते ही लगा एक साथ 56000 का बिल
वर्ष 2022-23 में कैश बुक की कैश बुक जांची गई तो उसमें स्पष्ट हुआ कि जो बिल पूरे सत्र में नहीं लगाए गए मार्च आते ही एक साथ 56000 का बिल लगाकर राशि का आहरण कर लिया गया क्योंकि अगर किसी सामग्री का भुगतान करना रहता है तो सत्र भर में बिलों का भुगतान होता रहता है लेकिन मार्च आते ही खाते की राशि को खाली करने के लिए एक साथ 56000 का बिल लगाकर राशि का आहरण कर लिया गया जांच अधिकारी द्वारा सभी अनियमिताओं को लिखकर शिकायतकर्ता के सामने ले जाया गया जिसका प्रतिवेदन वरिष्ठ अधिकारियों को दिया जाएगा
सौरभ गर्ग ब्यूरो कटनी
