रामजी चले ——-भ्राता से मिलने

डोल ग्यारस पर अद्भुत मिलन

चंदेरी- डोल ग्यारस और विमानोत्सव के पावन अवसर पर श्री श्री १००८ श्री लक्ष्मण जी मंदिर (परमेश्वर ताल) जल विहार के लिए पूरी तरह सज-धज कर तैयार है। इस ऐतिहासिक और धार्मिक उत्सव के दौरान नगर के सभी प्रमुख मंदिरों से भगवान के विमान  ठाठ-बाठ के साथ नगर भ्रमण पर निकलें। पूरे नगर का भ्रमण करने के बाद शाम के समय सभी विमान जल विहार के लिए श्री लक्ष्मण जी मंदिर परिसर पहुंचें जहां भव्य जल विहार और महाआरती का आयोजन किया जागा। इस भव्य समारोह में रघुनाथ जी के विमान के पीछे अट्ठारह विमान को साथ लेकर जब शहर के मुख्य मार्गों से निकला तो जगह जगह आरती पुष्पहार कर फलों की प्रसादी भी की गई। सभी विमानों के साथ भारी संख्या में लोग शामिल हुए जो भजनों पर थिरक रहे थे। पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था के साथ रामजी अपने छोटे भ्राता लखनलाल से मिलने पहुंचे।

सदियों पुरानी अनूठी परंपरा छोटे भाई से मिलने पहुंचें भगवान रघुनाथ—

ब्राह्मण समाज चंदेरी के अध्यक्ष रवि मिश्रा और लक्ष्मण जी मंदिर के अध्यक्ष वृजमोहन शर्मा ने बताया कि इस पूरे विमानोत्सव का सबसे मुख्य और आकर्षक केंद्र भाइयों के प्रेम की वह सदियों पुरानी परंपरा है जो आज भी जीवंत है। वर्ष में केवल एक बार भगवान रघुनाथ जी अपने छोटे भ्राता श्री लक्ष्मण जी से मिलने विशेष रूप से लक्ष्मण जी मंदिर पधारते हैं। मंदिर आगमन पर श्री लक्ष्मण जी मंदिर के पुजारी द्वारा भगवान रघुनाथ जी महाराज का पारंपरिक रूप से पेंढ़ भरकर अगुवानी कर भव्य स्वागत किया जाता है।

24 घंटे एक साथ रुकेंगे दोनों भाई —-

पुजारी द्वारा स्वागत किए जाने के बाद श्री लक्ष्मण जी और भगवान रघुनाथ जी का एक साथ जल विहार कराया जाता है। इसके बाद महाआरती संपन्न होती है। जल विहार के इस पावन प्रसंग के बाद भगवान रघुनाथ जी अगले 24 घंटे तक अपने छोटे भाई लक्ष्मण जी के साथ ही मंदिर में विश्राम करते हैं। अगले दिन विशाल भंडारे और भोग प्रसादी के वितरण के बाद भगवान रघुनाथ जी ससम्मान अपने मूल मंदिर के लिए वापस प्रस्थान करते हैं। दो भाइयों के इस अलौकिक मिलन और दर्शन के लिए परमेश्वर ताल पर श्रद्धालुओं का भारी भीड़ हर वर्ष श्री लक्ष्मण जी मंदिर पहुंचती है।

 

पुलिसवाला न्यूज़ चंदेरी

पत्रकार सैयद आबिद हाशमी

मोबाइल नंबर +9300445613

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