कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में कलेक्टर ने दिये निर्देश
जलजीवन मिशन और मध्यप्रदेश जल निगम द्वारा संचालित और निर्माणाधीन जल प्रदाय योजनाओं के कार्यों की हुई समीक्षा
कटनी (08 सितंबर) – हर घर तक जल पहुंचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। इसलिए ग्रामीण जल प्रदाय और नल-जल योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर शिथिलता और लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही जवाबदेही तय करते हुये कार्रवाई की जायेगी। कार्यपूर्ण करने में रूचि नहीं लेने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्टेड किया जाय। कलेक्टर आशीष तिवारी ने यह निर्देश मंगलवार को आयोजित जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुये समीक्षा के दौरान दिये।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, अतिरिक्त सीईओ अनुराग मोदी, पीएचई के कार्यपालन यंत्री पवनसुत गुप्ता, सुनीता द्विवेदी सभी जनपद पंचायतों के सीईओ, जल निगम के अधिकारी और पीएचई के सहायक यंत्रियों व उपयंत्रियों की मौजूदगी रही।
बैठक में अवगत कराया गया कि जलजीवन मिशन योजनांतर्गत 523 जलप्रदाय योजनाओं का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इनमें से 400 योजनाओं को हर घर जल सर्टिफाइड और 523 योजनाओं को हर घर जल रिपोर्टेड घोषित कर 423 योजनाओं को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जा चुका है।
ग्राम सभा का आयोजन कर करें हस्तांतरित
बैठक में कलेक्टर तिवारी ने स्पष्ट निर्देश दिये कि पंचायतों की नल-जल योजनाओं को संबंधित ग्राम पंचायत को ग्राम सभा का आयोजन कर समारोहपूर्वक हस्तांतरित किया जाय। ताकि ग्रामीणों को नलजल योजना के हस्तांतरण की जानकारी मिल सके और इनके संचालन एवं संधारण का कार्य ग्रामवासियों के सहयोग से ग्राम पंचायतें कर सकें।
मेसर्स नेटलिंक साफ्टवेयर कंपनी को किया ब्लैकलिस्ट
कलेक्टर तिवारी ने जल प्रदाय योजनाओं की समीक्षा के दौरान विकासखंड बहोरीबंद के ग्राम पंचायत बचैया, भगनवारा और तेवरी के कार्यों में कोताही बरतने पर भोपाल की मेसर्स नेटलिंक सॉफ्टवेयर कंपनी को ब्लैकलिस्टेड करने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जलजीवन मिशन के अंतर्गत कार्यरत सभी ठेकेदारों (संविदाकार) द्वारा किये जा रहे कार्यों की नियमित तौर पर निगरानी और समीक्षा की जाय। ताकि निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्वक नल-जल योजनाओं का कार्य पूर्ण कर उन्हें ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जा सके। उन्होंने जलजीवन मिशन के अंतर्गत सभी प्रगतिरत योजनाओं को दिसंबर 2026 तक पूर्ण कर ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए।
पुलिसवाला न्यूज़ कटनी से पारस गुप्ता की रिपोर्ट
