रायगढ़ | 2 अप्रैल 2026
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के कुशल दिशा-निर्देशन में रायगढ़ पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता अर्जित की है। पुलिस ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ के जरिए एक रिटायर्ड शिक्षक से 23 लाख 28 हजार रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से ठगी में प्रयुक्त मोबाइल जब्त किए गए हैं और उनके बैंक खातों में मौजूद 17 लाख रुपये से अधिक की राशि को पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर होल्ड करा दिया है।
इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने बताया कि ठगों ने पीड़ित को सीबीआई अधिकारी बनकर डराया और मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 12 किस्तों में रकम ट्रांसफर करवाई थी। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि इस गिरोह के तार दुबई से जुड़े हैं, जहाँ मुख्य सरगना फिरोज खान उर्फ डॉम्निक बैठकर पूरा नेटवर्क संचालित कर रहा है। बेंगलुरु से पकड़े गए आरोपी विग्नेश पी. और स्टीफन थॉमस इसी नेटवर्क के लिए काम करते थे।
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में एडिशनल एसपी अनिल सोनी, सीएसपी मयंक मिश्रा और डीएसपी साइबर श्रीमती उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन में पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज, प्रधान आरक्षक कृष्ण कुमार गुप्ता, राजेश पटेल (साइबर सेल) और आरक्षक धर्नुजय चंद बेहरा की विशेष भूमिका रही।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने जनता के नाम अपने संदेश में कहा कि “डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। किसी भी अनजान कॉल या धमकी से डरे नहीं और न ही अपनी बैंकिंग जानकारी साझा करें। रायगढ़ पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ तकनीक और प्रोफेशनल तरीके से कड़ी कार्रवाई कर रही है, लेकिन जागरूकता ही ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी हथियार है।”
पुलिसवाला न्यूज़ के टीम भी जनता से अपील करती है कि सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। किसी भी साइबर संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
रिपोर्ट :मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ,पुलिसवाला न्यूज़
