शहडोल मध्य प्रदेश 

शहडोल( देवलोंद )-

जब कानून के रखवाले अपनी सक्रियता दिखाते हैं, तो अवैध धंधों के साम्राज्य ताश के पत्तों की तरह ढहने लगते हैं। शहडोल के देवलोंद थाना क्षेत्र में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहाँ पुलिस ने रेत के अवैध धंधे में जुटे माफियाओं की कमर तोड़ते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सोन और बनास नदियों के सीने को छलनी कर रहे 06 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पुलिस ने मौके से जब्त कर लिया है।

आधी रात को बिछाया गया जाल

मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 1 अप्रैल 2026 की रात जब दुनिया सो रही थी, तब पुलिस टीम ग्राम बुडवा और सथनी क्षेत्र में गश्त पर थी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस ने ‘बनास नदी घाट’ और ‘सोन नदी किनारे’ घेराबंदी की। माफियाओं को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस की दबिश देख वहां भगदड़ मच गई, लेकिन घेराबंदी इतनी पुख्ता थी कि रेत से लदे 6 ट्रैक्टर (पॉवर ट्रैक और सोनालिका) पुलिस के कब्जे में आ गए।

30 लाख की संपत्ति पर लगा ‘सरकारी ताला’

जब्त किए गए ट्रैक्टरों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 30,00,000 रुपये आंकी गई है, जबकि उनमें लदी रेत की कीमत करीब 21,000 रुपये है। यानी एक ही झटके में रेत माफियाओं को 30 लाख से अधिक का चूना लगा है।

नोटिस थमाया, पर शिकंजा अभी बाकी है

हैरानी की बात यह है कि कार्रवाई के दौरान पकड़े गए चालकों और वाहन मालिकों को नियमानुसार नोटिस देकर छोड़ा गया है, लेकिन उनके खिलाफ खनिज अधिनियम और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

इनका रहा विशेष योगदान:

इस पूरी सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कार्रवाई में थाना प्रभारी उप-निरीक्षक सुभाष दुबे, हरभान सिंह, इंद्रलाल पुरी, और उनकी टीम के जांबाज सिपाहियों की भूमिका सराहनीय रही।

         अजय पाल

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