डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
रानी अवंती बाई चौक पर सर्व आदिवासी समाज का प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर एफआईआर और सेवा से पृथक करने की मांग
डिंडौरी। आदिवासी समाज के पारंपरिक अभिवादन ‘जय जोहार’ को लेकर भोपाल के मिसरोद थाना प्रभारी निरीक्षक रतन सिंह परिहार से जुड़े वायरल वीडियो का मामला अब डिंडौरी तक पहुंच गया है। कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में बुधवार, 14 अक्टूबर को सर्व आदिवासी समाज के युवाओं ने जिला मुख्यालय स्थित रानी अवंती बाई चौक पर धरना-प्रदर्शन कर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम किया। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। इसके बाद समाज की ओर से राज्यपाल के नाम जिला दंडाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ‘जय जोहार’ महज अभिवादन के शब्द नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, एकता और सामाजिक पहचान का प्रतीक है। ऐसे में इस अभिवादन को लेकर कथित रूप से की गई अभद्र टिप्पणी से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। युवाओं ने मामले को समाज के सम्मान और स्वाभिमान से जुड़ा बताते हुए संबंधित अधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
एफआईआर से लेकर सेवा से पृथक करने तक की मांग
राज्यपाल के नाम सौंपे गए ज्ञापन में सर्व आदिवासी समाज ने दो प्रमुख मांगें रखीं। पहली, संबंधित पुलिस निरीक्षक के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की लागू धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जाए। दूसरी, मामले की विभागीय जांच कराते हुए संबंधित अधिकारी को सेवा से पृथक करने की कार्रवाई की जाए।
समाज ने प्रशासन से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
भोपाल पुलिस ने किया निलंबित, 15 दिन में जांच रिपोर्ट के निर्देश
वायरल वीडियो को लेकर भोपाल पुलिस भी कार्रवाई कर चुकी है। पुलिस उपायुक्त, जोन-2 नगरीय पुलिस भोपाल की ओर से 14 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार, निरीक्षक रतनलाल सिंह परिहार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आदेश में वीडियो में प्रदर्शित आचरण को प्रथमदृष्टया पुलिस विभाग की सेवा-आचरण संबंधी अपेक्षाओं के प्रतिकूल बताया गया है।
मामले की विस्तृत एवं निष्पक्ष जांच के लिए सहायक पुलिस आयुक्त, एमपी नगर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें वीडियो की पेनड्राइव के आधार पर जांच कर 15 दिनों के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर
एक ओर भोपाल पुलिस ने संबंधित निरीक्षक को निलंबित कर विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं, वहीं दूसरी ओर डिंडौरी में सर्व आदिवासी समाज ने आपराधिक कार्रवाई और सेवा से पृथक करने की मांग उठाई है। समाज ने स्पष्ट किया कि उसके पारंपरिक अभिवादन, संस्कृति और सम्मान से जुड़े विषयों पर कथित अभद्र टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
फिलहाल मामले में जांच के निष्कर्ष और ज्ञापन पर प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। सर्व आदिवासी समाज ने मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।








