डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया
डिंडौरी। जिले के आकांक्षी विकासखंडों में विकास कार्यों की गति बढ़ाने और विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय प्रभारी अधिकारी एवं क्षमता विकास आयोग, नई दिल्ली की निदेशक अंकिता सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में बजाग, करंजिया और मेहंदवानी विकासखंडों के 38 प्रमुख संकेतकों की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, कृषि, पशुपालन एवं डेयरी, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ग्रामीण विकास, बैंक, ग्रामीण आजीविका मिशन और बीएसएनएल सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई। केंद्रीय प्रभारी अधिकारी ने विभागीय समन्वय, जनभागीदारी और नियमित निगरानी के माध्यम से विकासखंडों में निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया।
बच्चों के पोषण और आंगनवाड़ी सुविधाओं पर विशेष ध्यान
बैठक में 6 माह से 6 वर्ष तक के सभी पात्र बच्चों को नियमित रूप से पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों का शत-प्रतिशत मापन सुनिश्चित करने तथा केंद्रों में कार्यशील शौचालय और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। महिला एवं बाल विकास विभाग को पूरक पोषण आहार समय पर उपलब्ध कराने और शेष संकेतकों में लक्ष्य हासिल करने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
गोवंश का शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने पर जोर, कम प्रगति वाले संकेतकों में सुधार के निर्देश
पशुपालन एवं डेयरी विभाग को गोवंशीय पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग से बचाने के लिए शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। केंद्रीय प्रभारी अधिकारी ने महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पंचायत, लोक स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
समीक्षा के दौरान कम प्रगति वाले संकेतकों में सुधार के लिए किए जा रहे नवाचारों की सराहना की गई। पिछली तिमाही की तुलना में संकेतकों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए एनक्यूएएस, चिकित्सकों की पदस्थापना और रिवॉल्विंग फंड सहित अन्य संकेतकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि विकासखंडों के निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए विभागीय स्तर पर नियमित निगरानी और समन्वित प्रयास जरूरी हैं। अधिकारियों को शेष संकेतकों की कमियों को दूर कर समय-सीमा में लक्ष्य हासिल करने पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्यांशु चौधरी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।







