छुक छुक छुक अपने जीवन की छत्तीस साल रेल चलाने के बाद आखिरकार आज़ रुक ही गई मुकेश की रेल

चंदेरी 36 साल भारतीय रेलवे में अपनी सेवाएं देने वाले मुकेश चौबे आज जबलपुर रेलवे ज़ोन से सेवानिवृत्त हुए।भारतीय लोहपथगामिनी में अपनी छत्तीस साल सेवाएं देने वाले मुकेश चौबे अपनी उत्कृष्ट सेवा की प्रारंभिक रेल सेवा आपने बंबई से की।अपने मृदु स्वाभाव से मुकेश शीघ्र ही प्रभावशाली व्यक्तित्व में जाने गए।आपके रेल सेवा कार्यकाल में  कभी स्थानीय कार्यालय नहीं रहा रेल में ही अपना सेवाकाल पिंपरई, अशोकनगर गुना रुढियाई उज्जैन इटारसी जबलपुर भोपाल स्टेशन जैसे सैकड़ों स्टेशन की आडिट कर गुजार दिया अपनी छवि और नेचर से मुकेश चौबे रेलवे के साथ साथ दोस्तों रिश्तेदारों और सर्व समाज में इतने मशहूर रहे कि आपकी सेवानिवृत्त विदाई समारोह भी जबलपुर चंदेरी भोपाल में समारोह ऐतिहासिक बन गया है। उनके विदाई समारोह में बंबई के पहले दोस्त सुनील और मित्र के साथ साथ सर्व समाज के साथी मुकेश चौबे के विदाई समारोह में शामिल हुए।जब चंदेरी के शिक्षक परमलाल परम ने अपनी सुरीली आवाज में तान छेड़ी गाड़ी बुला रही है सीटी बजा रहीं हैं चलना ही जिंदगी है चलती ही जा रही है इसी तर्ज पर मुकेश चौबे समय के पाबंद होकर गाड़ी में सफ़र कर अपनी सेवा को अंजाम दे रहे थे। आज़ आपने अपनी छुक छुक चलने वाली रेल वाली जिंदगी का स्टाप लिया आज आपकी इस ऐतिहासिक सेवानिवृत्त विदाई समारोह में सभी रिश्तेदार मित्र मंडल शामिल होकर अपनी शुभकामनाएं दी। मेघा और हर्षित द्वारा तीनों जगह का मेनेजमेंट कर इस सुअवसर को ऐतिहासिक जरुर बना दिया।आपके परिवार में सभी शिक्षित और बड़े बड़े ओहदे पर सुशोभित है। चाहे उनकी बिटिया मेघा हो या बेटा हर्षित या जीजा दीक्षित जी या भाई साहब या साढू ध्रुव रिछारिया या दामाद जी सभी अपनी सेवाएं पूरे भारत में दे रहे हैं। इस विदाई समारोह में बंबई से आया उनका पहला दोस्त सुनील ने जब अपनी मुकेश चौबे को गाथा सुनाई तो सब अचंभित रह गए बंबई से सुनील दो पगड़ी लाएं थे उन्होंने एक मुकेश और एक उनकी पत्नी नीलम चौबे को पहनाई और बताया कि मुकेश क स्वर्णिम काल में भाभी का भी अद्वितीय योगदान है आपने बताया कि यह पगड़ी हमारे महाराष्ट्र में बड़े बूढ़े को पहनाई जाती है और जब ही उतारी जाती है जब बेटे को पहनाई जाती है आपने आने वाली पीढ़ी को नसीहत दी कि यह आपके बड़े बूढ़े अब आपकी धरोहर है इनको संभाल कर रखना आपकी जिम्मेदारी है आपने नयी पीढ़ी मेघा हर्षित से मुखातिब होते हुए कहा कि

तुम्हारी महफ़िल में बड़े बूढ़े जरुरी है

हम ही नहीं होंगे तो पगड़ी कौन बांधेगा

इस सुअवसर पर परिवार और दोस्तों ने चौबे को सम्मानित कर अपने अपने अंदाज में उन्हें मुबारकबाद दी।राजू मामा संजय कठरया अनीस उल्ला अरविंद पंडा राजेश तिवारी तनवीर जाफरी रामकिशोर पटैरिया एल्डरमैन शिक्षक रामसहाय कटारे अटल सर आदि सैकड़ों चौबे जी के प्रशंसकों ने चोबे को शुभकामनाएं दी।

 

पुलिसवाला न्यूज़ चंदेरी 

पत्रकार सैयद आबिद हाशमी 

Mobile number+9300445613

Leave A Reply

Exit mobile version