शहडोल। जिले के ब्योहारी थाना अंतर्गत गढ़ा गांव में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। चोरी की शिकायत दर्ज कराने से बौखलाए दबंगों ने रात के अंधेरे में एक परिवार के घर का दरवाजा तोडक़र जानलेवा हमला कर दिया। लाठी, डंडे और धारदार कुल्हाड़ी (टांगी) से लैस हमलावरों ने पूरे परिवार को खून से लथपथ कर दिया। हैरानी की बात यह है कि पीडि़त परिवार अस्पताल में इलाज करा रहा है, लेकिन ब्योहारी पुलिस की संदेहास्पद खामोशी के चलते आरोपी खुलेआम घूमकर धमकियां दे रहे हैं।
मामले की शुरुआत पिछले साल 15 जून 2025 को पीडि़त परिवार के घर हुई चोरी से हुई थी। पुलिसिया बयान में खुलासा हुआ कि गांव के ही अनिल कहार, अंश कहार और अरुण कहार ने चोरी का सोना सर्राफा बाजार में बेचा था। चोरी की रिपोर्ट दर्ज होने की खुन्नस में ये दबंग लगातार पीडि़त परिवार को जान से मारने की धमकियां दे रहे थे। बीती 9 जुलाई 2026 की रात करीब 08 बजे शिव कुमार कहार, अनिल कहार, किरन तिवारी, सोनू सेन , मीना सेन और खुशी सेन ने मिलकर पीडि़त के घर के दरवाजे का फाटक तोड़ दिया और अंदर दाखिल हो गए। आरोपियों ने गालियां देते हुए कहा चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराते हो, आज तुम्हें परिवार समेत खत्म कर देंगे।
जब डर के मारे पीडि़त परिवार जान बचाने बाहर निकला, तो आरोपियों ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया। आरोप है कि सोनू सेन ने कुल्हाड़ी से आवेदिका ललिता कहार पर वार किया, जिससे उनका पैर टूट गया और सिर में गहरी चोट आई। बीच-बचाव करने आए सुखलाल कहार को भी पकडक़र कुल्हाड़ी से मारा गया, जिससे उनका सिर भी फट गया। गांव वालों के मौके पर पहुंचने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए रफूचक्कर हो गए।
आपातकालीन सेवा को फोन करने पर पुलिस पहुंची और पीडि़तों को ब्योहारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत देखते हुए उन्हें चिकित्सा महाविद्यालय स्थानांतरित कर दिया गया। पीडि़तों का आरोप है कि ब्योहारी पुलिस आरोपियों के रसूख के प्रभाव में है और आज तक उनके खिलाफ न तो मामला दर्ज हुआ है और न ही कोई दंडात्मक कार्रवाई की गई है। मजदूरी कर पेट पालने वाला यह परिवार अब इलाज के खर्च और दबंगों के खौफ से दाने-दाने को मोहताज है। थक-हारकर ललिता कहार और सुखलाल कहार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय, आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और इलाज के खर्च की मांग की है। *अजय पाल*

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