शहडोल। कानून की रक्षा का दंभ भरने वाली पुलिस जब अपराधियों की खातिरदारी में जुट जाए, तो समझ लीजिए कि इंसाफ थाने की चौखट पर ही घुटने टेक चुका है, जैतपुर थाना क्षेत्र के रसमोहनी गांव में जमीन नापने का ऐसा खूनी खेल खेला गया, जिसने खाकी के इकबाल की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं। खोडरी पंचायत के दबंग सचिव पूरनलाल साहू और कोटवार विष्णु साहू ने पटवारी और आरआई साहब का खौफनाक डर दिखाकर एक सीधे-साधे किसान सतेंद्र सिंह बरगाही को उसके ही खेत में घेर लिया।
नाप के बहाने अकेले बुलाया
24 जुलाई को कोटवार साहब फरमान सुनाने पहुंचे, कल 25 जुलाई को पटवारी जी, आरआई साहब और तहसीलदार जमीन नापने आ रहे हैं, अकेले पहुंच जाना, बेचारा किसान प्रशासनिक हुक्म मानकर 25 जुलाई की दोपहर खेत पहुंचा, लेकिन वहां साहब तो नहीं मिले, बल्कि पहले से घात लगाए बैठे मिले पंचायत सचिव पूरनलाल साहू, उनकी पत्नी और बेटा परमानन्द साहू हाथ में लाठी-डंडे, कुल्हाड़ी और धारदार हथियार लिए ये सरकारी ठेकेदार मानो किसान की बलि लेने की तैयारी में थे। खेत में खड़े हरे-भरे धान पर ट्रैक्टर चढ़ाने से मना करने पर दबंगों का तांडव शुरू हुआ। किसान सतेंद्र को ट्रैक्टर से धकेलकर नीचे गिराया गया और फिर लाठियों-कुल्हाडिय़ों से तब तक कूटा गया, जब तक कि उसके हाथ-पैर टूट नहीं गए। हैवानियत की हद तो तब हो गई जब मरणासन्न किसान को खेत की कीचड़-मिट्टी में दबाकर जिंदा गाडऩे की कोशिश की गई, जब पीडि़त का बेटा रोहित और पत्नी सुषमा बचाने दौड़े, तो उन्हें भी लाठियों से पीटकर लहूलुहान कर दिया गया।
अजूबा! थाने में अपराधी उड़ा रहे चाय–नाश्ता
घटना के बाद पीडि़त परिवार 112 और 181 डायल करता रहा, लेकिन जब खाकी की गाड़ी नहीं पहुंची, तो खून से लथपथ बेटा खुद जैतपुर थाने पहुंचा। थाने का नजारा देखकर पीड़ित के होश उड़ गए, मुख्य आरोपी पूरनलाल साहू पहले से ही थाना प्रभारी की बगल में ठाठ से बैठकर गर्म चाय और नाश्ते की चुस्कियां ले रहा था। पीडि़त जब रिपोर्ट लिखाने तड़प रहा था, तब पुलिसकर्मियों ने गजब का ज्ञान दिया, अरे भाई! आज लाइट बंद है, एफआईआर कल लिखेंगे, जाओ पहले अस्पताल जाओ। जबकि थाने में इन्वर्टर चकाचक जगमगा रहा था। क्या खाकी को फरियादी का बहता खून और टूटी हड्डियां नहीं दिखीं, या फिर सचिव साहब की चाय का स्वाद ज्यादा कडक़ था।
साहब की खातिरदारी या मिलीभगत
क्या जैतपुर पुलिस अपराधियों के स्वागत-सत्कार के लिए स्पेशल बजट चला रही है, जब थाने में पावर बैकअप चल रहा था, तो एफआईआर दर्ज करने वाले कंप्यूटर की लाइट किस सेटिंग से बंद हो गई थी, पीडि़त परिवार ने पुलिस महानिरीक्षक की चौखट पर दस्तक देकर दबंग सचिव, कोटवार व उसके परिजनों पर जानलेवा हमले की धाराओं में मामला दर्ज करने और पक्षपाती पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
अजय पाल
