आरपीएफ प्रभारी विनोद तिवारी की सूझबूझ और त्वरित निर्णय से समय पर अस्पताल पहुंचाई गई गंभीर घायल महिला यात्री
शहडोल। शहडोल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक-01 पर रविवार को एक हृदयविदारक घटना के दौरान आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) के जवानों की इंसानियत, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का मिसाल कायम करने वाला चेहरा सामने आया। चलती ट्रेन से उतरने के प्रयास में एक महिला यात्री के दुर्घटनाग्रस्त होने पर प्लेटफॉर्म पर तैनात आरपीएफ कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसकी जान बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
गर्भवती होने के बावजूद आभा तिवारी ने दिखाई मिसाल
घटना गाड़ी संख्या 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस के शहडोल स्टेशन से प्रस्थान के दौरान स्लीपर कोच S-2 के पास हुई। चलती ट्रेन से उतरने के दौरान संतुलन बिगड़ने से एक महिला यात्री ट्रेन के नीचे आ गई और उसका एक पैर कट गया। इस भयावह स्थिति को देखते ही प्लेटफॉर्म ड्यूटी पर तैनात महिला आरक्षी आभा तिवारी ने अपनी परवाह किए बिना दौड़ लगा दी। उल्लेखनीय है कि आरक्षी आभा तिवारी वर्तमान में गर्भवती हैं, इसके बावजूद उन्होंने अपनी जान और स्थिति को दरकिनार करते हुए केवल एक नागरिक की जान बचाना अपना सर्वोच्च धर्म समझा और महिला को खींचकर सुरक्षित निकालने का अथक प्रयास किया। भले ही गति तेज होने के कारण वे महिला को पूरी तरह नहीं खींच सकीं, लेकिन उनका यह अदम्य साहस और समर्पण हर किसी की आंखें नम कर गया।
आरपीएफ प्रभारी विनोद तिवारी का त्वरित और सराहनीय निर्णय
हादसे के तुरंत बाद यात्रियों ने ट्रेन की चैन पुलिंग कर गाड़ी रोकी। घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ प्रभारी विनोद तिवारी ने बिना एक पल गंवाए मोर्चा संभाला। जब एंबुलेंस आने में विलंब होने लगा और घायल महिला की स्थिति चिंताजनक होती दिख रही थी, तब प्रभारी विनोद तिवारी ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए एंबुलेंस का इंतजार करने के बजाय तत्काल निर्णय लिया।
प्रभारी के निर्देशन में आरपीएफ टीम ने तुरंत स्टेकर की मदद से घायल महिला को स्टेशन के बाहर खड़े एक ऑटो में सुरक्षित बैठाया और बिना समय गंवाए तत्काल जिला चिकित्सालय रवाना कराया। इलाज की व्यवस्था सुचारू रूप से हो सके, इसके लिए आरपीएफ आरक्षक महेंद्र कुमार को घायल महिला के साथ अस्पताल भेजा गया।
अस्पताल में चल रहा इलाज, आरपीएफ जुटा रही जानकारी
फिलहाल घायल महिला का इलाज जिला अस्पताल में जारी है, जहां आरपीएफ आरक्षक महेंद्र कुमार की मौजूदगी में डॉक्टरों की टीम उनके उपचार में जुटी हुई है।
आरपीएफ प्रभारी विनोद तिवारी की त्वरित कार्यप्रणाली और महिला आरक्षी आभा तिवारी के साहसिक कदम की स्टेशन पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों ने जमकर सराहना की है। प्रतिकूल परिस्थितियों में भी कर्तव्य को प्राथमिकता देने का यह प्रयास रेलवे सुरक्षा बल के प्रति जनता के विश्वास को और मजबूत करता है।
अजय पाल

