सुकमा:
क्षेत्र में अपराध नियंत्रण और संदिग्ध तत्वों की धरपकड़ के लिए सुकमा पुलिस ने कमर कस ली है। पुलिस अधीक्षक श्री मयंक गुर्जर (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोंटा के मार्गदर्शन में थाना कोंटा द्वारा एक विशेष जागरूकता और व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ‘समाधान ऐप’ के जरिए किरायेदारों, हॉस्टल व लॉज में ठहरने वाले यात्रियों, और दुकान-ढाबों में काम करने वाले कर्मचारियों का अनिवार्य ऑनलाइन पंजीकरण सुनिश्चित करना है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में एसडीओपी कोंटा और थाना प्रभारी कोंटा ने स्थानीय नागरिकों, मकान मालिकों, होटल और ढाबा संचालकों को ऐप के इस्तेमाल का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी संचालक अपने प्रतिष्ठानों और मकानों में ठहरने वाले या काम करने वाले नए लोगों की बुनियादी जानकारी और फोटो प्रतिदिन इस ऐप पर अपलोड करें। इस डिजिटल रिकॉर्ड से क्षेत्र में आने-जाने वाले अज्ञात व संदिग्ध लोगों की पहचान करना आसान होगा, जिससे पुलिस को त्वरित कार्रवाई करने में बड़ी मदद मिलेगी।
इसके साथ ही, समाज में सुरक्षा को अधिक पुख्ता करने के लिए राज्य शासन द्वारा जारी टोल-फ्री नंबर 18002331905 का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि यदि क्षेत्र में कोई भी विदेशी नागरिक अवैध रूप से रहता हुआ पाया जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत इस टोल-फ्री नंबर पर दें। सुकमा पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे एक सुरक्षित और अपराध मुक्त समाज के निर्माण में पुलिस के सहभागी बनें और ‘समाधान ऐप’ का नियमित उपयोग कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अपना योगदान दें।
रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव
ब्यूरो चीफ, पुलिसवाला न्यूज़







