जिले में शिक्षा विभाग की मैराथन समीक्षा बैठक, कमजोर स्कूलों पर कड़ी फटकार और पूरक छात्रों के लिए स्पेशल रणनीति तैयार
हर छात्र की जिम्मेदारी शिक्षक की जिम्मेदारी: कलेक्टर ने अधिकारियों, बीईओ और प्राचार्यों को दिए सख्त निर्देश
15 जून से पहले स्कूलों की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
100 प्रतिशत रिजल्ट देने वाले स्कूलों की सराहना, कमजोर विद्यालयों के लिए विशेष निगरानी और ब्रिज कोर्स के निर्देश
मनेंद्रगढ़ – एमसीबी – जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शुक्रवार को कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े की अध्यक्षता में जिला शिक्षा विभाग की बोर्ड परीक्षा परिणाम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के परीक्षा परिणाम, पूरक परीक्षा की तैयारी, स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षकों की जवाबदेही तथा आगामी शिक्षा सत्र की तैयारियों को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अपर कलेक्टर अनिल सिदार, अपर कलेक्टर नम्रता आनंद डोंगरे, जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम, जिला शिक्षा अधिकारी आर. पी. मीरे, भरतपुर विकासखंड शिक्षा अधिकारी सचिदानंद साहू, खड़गवां विकासखंड शिक्षा अधिकारी राम निवास मिश्रा, मनेंद्रगढ़ विकासखंड शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार पाण्डेय, बीआरसी, प्राचार्य तथा शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत विद्यालयवार परीक्षा परिणाम की समीक्षा से हुई, जिसमें कई स्कूलों के कमजोर प्रदर्शन पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल नौकरी करने के उद्देश्य से विद्यालय न जाएं, बल्कि प्रत्येक बच्चे के भविष्य निर्माण की जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं। कलेक्टर ने कहा कि गांव-गांव के बच्चे पढ़-लिखकर बड़े-बड़े अधिकारी बने हैं और आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में अपार प्रतिभाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही मार्गदर्शन और शिक्षा की आवश्यकता है।
कलेक्टर ने कहा कि यदि किसी विद्यालय में लगातार खराब परिणाम आ रहे हैं तो इसके लिए संबंधित प्राचार्य, शिक्षक और अधिकारी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ने पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में हाई स्कूल बड़वाही, हाई स्कूल रौंक, हायर सेकेंडरी स्कूल देवगढ़, हाई स्कूल सेमरिहा, हायर सेकेंडरी स्कूल भरतपुर, हाई स्कूल तिलौली, हायर सेकेंडरी स्कूल कुवारपुर, हायर सेकेंडरी स्कूल कोटाडोल तथा अन्य कमजोर परिणाम वाले विद्यालयों की सूची प्रस्तुत की गई। इन विद्यालयों के परीक्षा परिणामों पर कलेक्टर ने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि इतने कम परिणाम किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक कमजोर विद्यालय का विषयवार विश्लेषण किया जाए तथा यह पता लगाया जाए कि किस विषय में अधिक विद्यार्थी असफल हुए और उसके पीछे क्या कारण रहे।
कलेक्टर ने कहा कि जिन विद्यार्थियों की बुनियादी शैक्षणिक क्षमता कमजोर है, उनके लिए विशेष “ब्रिज कोर्स” संचालित किए जाएं। गणित, विज्ञान और संस्कृत जैसे विषयों के लिए अलग से विशेष कक्षाएं आयोजित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल परीक्षा के समय नहीं, बल्कि पूरे वर्ष नियमित रूप से पढ़ाया जाए और तिमाही, छमाही तथा वार्षिक परीक्षा के परिणामों में निरंतर सुधार दिखना चाहिए।
बैठक में पूरक एवं अवसर परीक्षा को लेकर विशेष रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि सभी पूरक और अवसर प्राप्त विद्यार्थियों का आवेदन अनिवार्य रूप से कराया जाए तथा 18 मई 2026 से विशेष कार्ययोजना बनाकर पढ़ाई शुरू की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एक भी छात्र छूटना नहीं चाहिए और प्रत्येक पूरक विद्यार्थी को पास कराने की जिम्मेदारी संबंधित शिक्षक और प्राचार्य की होगी। पूरक छात्रों के लिए स्पेशल क्लास, नियमित टेस्ट, विषयवार तैयारी तथा होमवर्क आधारित अध्ययन व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि जिन विद्यार्थियों की उपस्थिति कम रहती है, उनके अभिभावकों से नियमित संपर्क स्थापित किया जाए। पालक-शिक्षक बैठक नियमित रूप से आयोजित करने तथा प्रत्येक छात्र की प्रगति पर निगरानी रखने को कहा गया। कलेक्टर ने कहा कि स्कूलों में केवल नामांकन पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक बच्चे की नियमित उपस्थिति और पढ़ाई सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के सभी स्कूलों में शत-प्रतिशत इनरॉलमेंट सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों और प्राचार्यों को सख्त लहजे में कहा कि सभी अधिकारी केवल लिपिकों पर निर्भर न रहें, बल्कि स्वयं अध्ययन कर निर्णय लें और कार्यवाही करें। उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिए कि बीईओ और बीआरसी के कार्यों की नियमित समीक्षा करें तथा यह जानकारी प्रस्तुत करें कि किस अधिकारी ने कितने दौरे किए, कितनी बैठकें आयोजित कीं और कितनी बार स्कूलों का निरीक्षण किया।
बैठक में अनुपस्थित रहने वाले प्राचार्यों पर भी प्रशासन का सख्त रुख देखने को मिला। जिन प्राचार्यों ने स्वयं उपस्थित होने के बजाय प्रतिनिधि भेजे, उन पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की इतनी महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहना गंभीर लापरवाही है और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति अनिवार्य होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सुबह 10:15 बजे के बाद आने वाले कर्मचारियों की एक दिन की छुट्टी काटी जाए। ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने तथा नियमित निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में गर्मी की छुट्टियों के दौरान भी हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल खुले रखने के निर्देश दिए गए ताकि पूरक विद्यार्थियों की तैयारी प्रभावित न हो। कलेक्टर ने कहा कि बच्चों का भविष्य सबसे महत्वपूर्ण है और आवश्यकता पड़ने पर अवकाश के दौरान भी पढ़ाई जारी रखी जाए।
विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि स्कूल खुलने से पहले सभी विद्यालयों में साफ-सफाई, सीढ़ी, रैंप, पेयजल व्यवस्था, बिजली व्यवस्था तथा मरम्मत कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि 15 जून से पहले सभी स्कूलों की व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त हो जानी चाहिए।
बालक एवं बालिका शौचालय निर्माण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि जिन स्कूलों में निर्माण कार्य अधूरा है, वहां तत्काल कार्य पूर्ण कराया जाए। उन्होंने बताया कि शौचालय निर्माण के लिए राशि जारी कर दी गई है और 15 जून से पहले सभी कार्य पूर्ण होना चाहिए।
बैठक में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने पूछा कि पिछले वर्ष लगाए गए पौधों में कितने पौधे सुरक्षित हैं तथा उनकी वर्तमान स्थिति क्या है। उन्होंने इसकी विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही जिले में लगाए गए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की जानकारी भी मांगी गई और यह निर्देश दिए गए कि जहां-जहां वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम संचालित हो रहे हैं, उनकी रिपोर्ट तैयार की जाए।
अपार आईडी, आधार लिंकिंग एवं जन्म प्रमाण पत्र की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने तहसीलदार और बीईओ को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की अपार आईडी लंबित नहीं रहनी चाहिए और सभी दस्तावेज समय सीमा में पूर्ण किए जाएं।
अभिलेख पंजी, सेवा पुस्तिका, डेली डायरी और कैश बुक की स्थिति पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि जुलाई सत्र से इन सभी अभिलेखों की जांच की जाएगी और किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर कार्रवाई होगी। उन्होंने सभी विद्यालयों को रिकॉर्ड संधारण व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।
बैठक में छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के परीक्षा परिणामों की अलग से समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि छात्रावास में रहने वाले बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा उनके परिणामों में सुधार सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के दौरान उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले विद्यालयों की विशेष सराहना की गई। हाई स्कूल परीक्षा में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरदर, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चिरमिरी, हाई स्कूल रतनपुर, हाई स्कूल आमाडाड़, हाई स्कूल मेरो, हाई स्कूल दुग्गी, हाई स्कूल मुलुकनार, हाई स्कूल नई लेदरी तथा सेजेस केल्हारी अंग्रेजी माध्यम सहित कई विद्यालयों ने शत-प्रतिशत परिणाम दर्ज किया।
हायर सेकेंडरी परीक्षा में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिहारपुर ने विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय में 100 प्रतिशत परिणाम देकर जिले का नाम रोशन किया। कलेक्टर ने इन विद्यालयों के प्राचार्यों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणादायक है।
बैठक में जिले के मेधावी विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। हायर सेकेंडरी परीक्षा में मरियाज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चिरमिरी की छात्रा अल्का चौधरी ने 600 में 577 अंक प्राप्त कर जिले में प्रथम स्थान हासिल किया। सेजेस मनेन्द्रगढ़ की अदिति गुप्ता ने 563 अंक तथा न्यू लाइफ इंग्लिश मीडियम जनकपुर की काव्य गुप्ता ने 559 अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
हाई स्कूल परीक्षा में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवाडांड के छात्र मनीष कुमार साहू ने 500 में 455 अंक प्राप्त कर जिला टॉप किया। इसके अलावा वंदना सिंह, अरफा अहमदी, सुमित गुप्ता, उमादेवी और शिवम पाण्डेय सहित कई विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया।
कलेक्टर ने कहा कि इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की सफलता पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है और ऐसे विद्यार्थियों की उपलब्धियों को अन्य बच्चों तक पहुंचाया जाना चाहिए ताकि वे भी प्रेरित होकर आगे बढ़ सकें।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि प्रत्येक विद्यालय मासिक शैक्षणिक प्रगति रिपोर्ट तैयार करे, कमजोर विद्यार्थियों की सूची बनाए, नियमित मॉडल टेस्ट आयोजित करे तथा बोर्ड परीक्षा की तैयारी पूरे वर्ष चलती रहे। डिजिटल शिक्षण सामग्री और स्मार्ट क्लास के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा विभाग केवल परीक्षा परिणाम घोषित करने तक सीमित न रहे, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास करे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हर बच्चे की सफलता प्रशासन और शिक्षकों की जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
योगेन्द्र प्रताप सिंह ब्यूरो चीफ पुलिसवाला न्यूज

