डिंडौरी मध्यप्रदेश
रिपोर्ट अखिलेश झारिया

कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में भारतीय किसान संघ की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले भर से पहुंचे किसान प्रतिनिधियों ने कृषि, सिंचाई, बिजली, पशुपालन, राजस्व और जलापूर्ति से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए विभिन्न विभागों के समक्ष सुझाव एवं मांगें रखीं।

बैठक में कृषि विभाग से खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए मक्का, धान, अरहर, सोयाबीन, कोदो-कुटकी सहित अन्य बीजों की पर्याप्त उपलब्धता 15 जून तक सुनिश्चित करने और वर्षा पूर्व किसानों को वितरण कराने की मांग की गई। किसानों ने धान एवं गेहूं उपार्जन सीमा बढ़ाने, सिंचित भूमि की सही गिरदावरी दर्ज करने तथा फसल कटाई प्रयोगों में किसान संघ के प्रतिनिधियों को शामिल करने की बात कही। साथ ही खाद एवं उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने और लंबित अनुदान राशि किसानों के खातों में जमा कराने की मांग भी उठी।

उद्यानिकी विभाग से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने हेतु स्थायी ढांचों की संख्या बढ़ाने, कृषि उपकरणों की मूल्य विसंगतियों में सुधार तथा कृषक भ्रमण योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग रखी गई। पशुपालन विभाग से पशु चिकित्सालयों में दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता एवं समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

बैठक में बिजली व्यवस्था को लेकर भी किसानों ने नाराजगी जाहिर की। विद्युत विभाग से कम वोल्टेज वाले ट्रांसफार्मरों को बदलने, ग्रामीण क्षेत्रों की जर्जर विद्युत लाइनों का सुधार करने तथा जले हुए ट्रांसफार्मरों को 24 घंटे के भीतर बदलने की मांग की गई। किसानों ने 5 रुपये में बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने और शहपुरा एवं मेंहदवानी क्षेत्र में बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या भी प्रमुखता से उठाई।

जल संसाधन विभाग से जिले के बांधों और नहरों की समय पर मरम्मत, गेट सुधार तथा खेतों तक सिंचाई पानी पहुंचाने की मांग रखी गई। समनापुर, भाजीटोला, मोहदा एवं चैरा जलाशयों से संबंधित समस्याओं को भी बैठक में प्रमुखता से उठाया गया।

पीएचई विभाग के अंतर्गत जल जीवन मिशन योजनाओं में गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों की शिकायत करते हुए बंद पड़ी नल-जल योजनाओं की जांच एवं सुधार की मांग की गई। सहकारी बैंक एवं सहकारिता विभाग से पासबुक प्रिंटिंग, ऋण जमा प्रक्रिया और नवीन लेम्पस संचालन व्यवस्था में सुधार लाने की आवश्यकता बताई गई।

राजस्व विभाग से सीमांकन, गिरदावरी सुधार, फौती नामांतरण, सार्वजनिक भूमि संरक्षण और अतिक्रमण हटाने की मांग की गई। किसानों ने खेतों के पारंपरिक रास्तों को नक्शों में दर्ज करने तथा राजस्व जागरूकता अभियान चलाने की बात भी कही।

वन विभाग के समक्ष जंगली जानवरों से फसल नुकसान पर मुआवजा देने एवं फेंसिंग पर 80 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराने की मांग रखी गई। कृषि उपज मंडी में व्यापारियों द्वारा रेट सूची प्रदर्शित नहीं करने तथा किसानों के शोषण का मुद्दा भी बैठक में उठा।

इसके अलावा कृषि विज्ञान केंद्र डिंडौरी में कृषि महाविद्यालय खोलने, सभी विभागीय कार्यालयों में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने तथा बिलगांव जलाशय परियोजना में ब्लास्टिंग से प्रभावित ग्रामीणों को क्षतिपूर्ति देने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई। किसानों ने भारतीय किसान संघ की बैठक प्रत्येक दो माह में नियमित रूप से कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित करने की मांग की।

बैठक में कृषि उपसंचालक संजय जोशी, उपसंचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग एच.पी. शुक्ला, भारतीय किसान संघ जिलाध्यक्ष बिहारी लाल साहू, जिला कोषाध्यक्ष विवेकानंद साहू, उपाध्यक्ष भानसिंह मरकाम, विपणन प्रमुख खिलपत सिंह गौतम सहित विभिन्न तहसीलों के किसान प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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